Monday, Aug 02, 2021
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हड़ताल के नाम पर ऑटो-टैक्सी चालकों की गुंडागर्दी, कई टैक्सियों में की तोडफ़ोड़

  • Updated on 7/27/2016

नई दिल्ली (ब्यूरो)। ऑटो-टैक्सी चालकों ने मंगलवार को हड़ताल के नाम पर जमकर गुंडागर्दी की। सड़कों पर दौड़ रही मोबाइल एप्लिकेशन आधारित ओला और उबर की टैक्सियों को बंद कराने की मांग कर रहे तिपहिया चालकों ने नई दिल्ली व पुरानी दिल्ली रेवले स्टेशन पर खड़ी ओला-उबर की टैक्सियों में तोडफ़ोड़ की और उनके ड्राइवरों को जबरन हड़ताल में शामिल होने के लिए उन पर दबाव भी बनाया।

इतना ही नहीं हड़ताली चालकों की गुंडागर्दी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने ओला व उबर की टैक्सियों के चालकों को यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने से भी मना करने की कोशिश की, जिसे लेकर चालकों के बीच तू-तू मैं-मैं तक हो गई।

यात्रियों से मनमाना किराया वसूल करने वाले कर्मचारी और भारतीय मजदूर संघ ऑटो-टैक्सी यूनियन के अंतर्गत आने वाले तिपहिया चालकों ने मंगलवार को दिल्ली में हड़ताल का ऐलान किया था लेकिन हड़ताल के नाम पर आम लोगों को तंग करने में हड़ताली कर्मचारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

अधिकांश यात्रियों ने मांग की है कि जो भी तिपहिया चालक मीटर के मुताबिक चलने से मना करे, दिल्ली सरकार को उस तिपहिये का परमिट रद्द कर देना चाहिए।

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अपनी मर्जी से यात्रियों से किराया वसूल करने वाले हड़ताली चालक दिल्ली सरकार से मांग कर रहे हैं कि सरकार राजधानी में ओला तथा उबर की टैक्सियों को बंद कर दे, ऑटो का किराया बढ़ाए और ऑटो के 10 हजार परमिट तुरंत जारी करे।  

इन्हीं तीन प्रमुख मांगों सहित कुछ अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने हड़ताल रखी, जिससे विशेषतौर से अस्पताल, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी आदि पर यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। 

परेशान होकर पकड़ी मेट्रो और डीटीसी बसें  

लोगों को हड़ताल का पता चला तो उन्होंने मेट्रो ट्रेन, डीटीसी बस तथा विभिन्न रेडियो टैक्सी का विकल्प अपनाया। राम मनोहर लोहिया अस्पताल, एम्स, एलएनजेपी, पंत, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल सहित तमाम अस्पतालों के बाहर ऑटो के लिए अफरा-तफरी मची रही।

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आईएसबीटी सहित सराय रोहिला रेलवे स्टेशन के बाहर भी यात्री तिपहियों को ढूंढ़ते दिखाई दिए लेकिन जब ऑटो नहीं मिला तो यात्रियों ने मेट्रो ट्रेन का विकल्प चुन अपने गंतव्य तक पहुंचे। हालांकि ऐसे यात्रियों की भी कमी नहीं थी जिन्होंने विभिन्न रेडियो टैक्सी को फोन कर टैक्सी मंगाई और चलते बने।

मामले में ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक एप्प आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।

वर्मा ने कहा कि उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाडिय़ां चलाने दे रही है। इसको बंद नहीं किया गया तो हमारी हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।

भाजपा और केंद्र करा रहे हड़ताल : जैन

ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के विरोध में ऑटो और टैक्सी यूनियनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए दिल्ली के परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाजपा और केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है।

उन्होंने कहा कि हड़ताल को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कोई इंतजाम नहीं किए। उपराज्यपाल को भी चिट्ठी लिखी गई थी। पुलिस कमीश्नर को भी चिट्ठी लिखी गई थी। पुलिस की सुरक्षा नहीं होगी, तो ऑटो कैसे चलाएंगे लोग?

सत्येंद्र जैन ने कहा कि पक्की सूचना मिली है, भाजपा इस हड़ताल को करा रही है। केंद्र सरकार की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।

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