Sunday, Apr 21, 2019

मुबंइया दहशत: गैंगवार के जकड में दिल्ली!

  • Updated on 5/2/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/ब्यूरो। कभी अार्थिक नगरी मुम्बई को अपराध की नगरी कहा जाता था। डॉन दाऊद सहित हाजी मस्तान जैसे बड़े नाम चर्चा में रहते थे। लेकिन, मुम्बई पुलिस जब एक्टिव हुई तो वर्तमान में ये सभी गैंग बिखर गए या फिर खत्म हो गए। जिसके चलते व्यवसायी आम आदमी ने राहत की सांस ली। लेकिन, अब ये दशहत राजधानी दिल्ली में दिख रही है। बीते 72 घंटों के दौरान जिस तरह राजधानी में दो जगहों पर सड़क पर खुलेआम गैंगवार हुई है, उससे राजधानी में रहने वाले हर व्यक्ति के दिल में दशहत घर कर गई है।

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महिलाएं हो या फिर व्यवसायी, या आम आदमी सड़कों पर निकलने से डर रहा है। उसे डर सता रहा है कि सड़क पर चली गोली का वे निशाना न बने। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए राजधानी में किसी भी संगठित गैंग से चुप्पी साधती है। आइये हम आपको बताते हैं दिल्ली में कितने गैंगस्टर अपने संचालित गैंग चला रहे हैं और वे पुलिस की नाक के ही नीचे रंगदारी, सुपारी किलर, गैंगवार, अपहरण और रेप जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

ये भी बताते हैं कि दिल्ली पुलिस के रिकार्ड के तहत कई बदमाश एक लाख के इनामी भी हैं, जिनमें से पुलिस ने केवल एक ही बदमाश नीरज बवाना को गिरफ्तार किया है, जबकि सभी बदमाश कागजों में फरार हैं, लेकिन राजधानी में रहकर वे खुलेआम अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। सवाल ये भी है अगर राजधानी में संगठित गैंग नहीं है तो दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र की तर्ज पर मकोका कानून को क्यों फॉलो कर रही है। 

नीरज बवाना (वर्तमान में जेल में बंद)
अपराध की दुनिया में नीरज बवाना का नाम दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में सबसे ऊपर है। जेल में बंद बवाना का रहने वाला नीरज जेल से ही अपने नेटवर्क को चला रहा है। दिल्ली हरियाणा में रंगदारी, लूट, मर्डर समेत कई दर्जन मामलों में वांछित नीरज पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। हाल में दिल्ली में तीन हत्याओं में बवाना का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि नीरज का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वह जेल में बैठ कर किसी की भी हत्या की सुपारी ले लेता है। इसके अलावा बाहरी दिल्ली में कई बड़े बिजनेसमैन इससे खौफ खाते हुए रंगदारी भी देते हैं। (गैंग में सदस्य कुल 86 लोग काम कर रहे हैं, इनमें से करीब एक दर्जन से ज्यादा जेलों में बंद)

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मनोज मोरखेड़ी (फरार)
रोहतक का रहने वाला मनोज मोरखेड़ी कभी छीनाझपटी की वारदातें किया करता था। देखते ही देखते उसने अपना एक गैंग खड़ा कर लिया। दिल्ली, हरियाणा में दर्जनों मर्डर, लूटपाट व रंगदारी के मामले उस पर दर्ज हैं। मनोज पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। गैंग में करीब 20 से 22 सदस्य हैं, जिनमें अधिकांश शूटर हैं। 

संदीप चितानिया (फरार)
एक लाख के ईनामी बदमाश संदीप चितानिया को 2009 में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में पेशी के दौरान वह पुलिस कस्टडी से भाग निकला। इसके बाद लगातार वारदातों को अंजाम देकर वह पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। 
(गैंग में करीब एक दर्जन से ज्यादा सदस्य, सभी सदस्यों पर लूट और हत्या जैसे संगीन आरोप)

विकास लंगरपुरिया (फरार)
विकास लंगरपुरिया ने हरियाणा के झज्जर से अपराध की शुुरुआत की थी। इसके बाद उसने दिल्ली में भी हाथ मारना शुरू कर दिया। एक लाख के इनामी विकास पर नजफगढ़ के पूर्व विधायक भरत सिंह पर भी हमला करने का आरोप है। अभी तक ये फरार हैं। (गैंग में करीब 24 सक्रिय सदस्य) 

नरेश उर्फ सोनू (फरार)
नरेश पर दिल्ली के कई इलाकों में लूटपाट, मर्डर, रंगदारी का आरोप है। इसके अलावा उसने हरियाणा में अपनी जड़े जमा ली थीं। इस पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। इसका बर्चस्व साऊथ वेस्ट व साऊथ दिल्ली के अलावा फरीदाबाद तक हैं। फैक्ट्री से जबरन उगाही, गार्डों की तैनाती सहित सरकारी टेंडर प्राप्त करने वाले ठेकेदारों से रंगदारी।
(गैंग में करीब 20 सदस्य) 

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सतीश उर्फ पवन (फरार)
सतीश मंगोलपुरी का रहने वाला है। सतीश ने 2003 में गैंग बनाया और बाहरी दिल्ली में सक्रिय हो गया। लूट और रंगदारी इसका मुख्य पेशा। बाहरी दिल्ली सहित बहादुरगंढ़ और नजफगढ़ में बिजनेसमैन से रंगदारी लेना मुख्य कार्य।

श्रीपाल (फरार)
बहादुरगढ़ हरियाणा के रहने वाले श्रीपाल पर भी हत्या, लूटपाट व रंगदारी समेत कई मामले दर्ज हैं। दूसरों की जमीन पर भी जबरन कब्जा करने का आरोप श्रीपाल पर है। 

संजय राठी (फरार)
संजय राठी गैंग ने दिल्ली हरियाणा में मर्डर, लूटपाट, कारजैकिंग के कई दर्जन मामलों को अंजाम दिया। संजय पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। वर्तमान में ये भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। (गैंग में करीब 20 सदस्य)

सुरेंद्र मलिक (फरार)
मूलरूप से हरियाणा के बहादुरगढ़ का रहने वाला सुरेंद्र दिल्ली पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल है। उस पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। इसका बर्चस्व सोनीपत से रोहतक और गुडग़ांव तक है। करीब 30 से अधिक बिजनेसमैन से करोड़ों रुपए की रंगदारी वसूलता है। (गैंग में 24 से अधिक सक्रिय सदस्य, अधिकांश शूटर)

पप्पू पंडित(फरार)
बाहरी दिल्ली से लेकर हरियाणा के झज्जर, सोनीपत, रोहतक में कई वारदातों को अंजाम देने वाले 
पप्पू पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। 

उत्तर पूर्वी दिल्ली में गैंग सक्रिय
   मो. इमरान और मो. कमर दोहरा हत्याकांड इरफान उर्फ छेनू पहलवान और अब्दुल नासिर उर्फ खैबर हैयात दिल्ली और यूपी में गैंग चला रहे हैं। इनका वर्चस्व नॉर्थ ईस्ट और यूपी के लोनी तक हैं।  दोनों गैंग के बीच लंबे समय से विवादित प्रॉपर्टी, सट्टे और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गैंगवार चल रही है। दोनों ही फिलहाल जेल में बंद हैं, लेकिन इनके गुर्गे एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब इस गैंगवार में करीब 7 हत्याएं हो चुकी हैं। 

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ये भी हैं वांटेड

  • कपिल सांगवान उर्फ नंदू (नजफगढ़)
  • हेमंत उर्फ प्रधान (नजफगढ़)
  • प्रदीप सोलंकी (नजफगढ़)
  • शक्ति शारदा (नजफगढ़)
  • रवींद्र उर्फ भोलू (बाबा हरिदास नगर)
  • मंजीत सिंह उर्फ महल (बाबा हरिदास नगर)
  • गोपाल गहलोत उर्फ पाले (बाबा हरिदास नगर)
  • धर्मेंद्र उर्फ गोलू (बाबा हरिदास नगर)
  • जोगिंद्र उर्फ जग्गा (नसीरपुर)
  • नफे सिंह उर्फ मंत्री (घुम्मनहेड़ा)
  • अशोक (मित्राऊं गांव)
  • चेतन पांडेय (राज नगर)
  • जोगिंद्र उर्फ भोलू (पालम गांव)
  • सिकंदर उर्फ सन्नी डोगरा (साध नगर)
  • कुलदीप उर्फ हकला (पालम)
  • जोगिंद्र उर्फ जग्गा (नसीरपुर)
  • सिकंदर उर्फ सन्नी डोगरा (साध नगर)
  • कुलदीप उर्फ हकला 
  • (पालम)
     

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