Tuesday, Feb 18, 2020

प्रॉपर्टी एक्सपर्ट का कहना, सुनहरा हो जाएगा दिल्ली का भविष्य

  • Updated on 5/19/2017

Navodayatimes नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  मैं समझता हूं कि अभी इस बारे में कोई सही जानकारी देना जल्दबाजी होगा। लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत बनने वाले लाखों मकानों के निर्माण में अभी बहुत लम्बा वक्त लगेगा। तब तक प्रॉपर्टी में कई प्रकार से कई तरह से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जिस समय मकान बनकर तैयार हो जाएंगे, उस समय प्रॉपर्टी का क्या हाल होगा, दिल्ली की कितनी जनसंख्या होगी, यह अभी बता पाना या अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। 

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द्वारका के मकानों की जो वैल्यू अभी है, क्या उनकी वैल्यू में कमी आ जाएगी?
जब लाखों मकान बनकर तैयार हो जाएंगे, तो ऐसे में मौजूदा मकानों की कीमत गिर जाएगा या बढ़ जाएगी, यह बहुत हद तक मकानों की डिमांड और सप्लाई पर डिपेंड करता है। अगर डिमांड ज्यादा होगी और सप्लाई कम, तो इससे साफ है कि कीमतों में उछाल आएगा। ठीक इसी तरह से कीमतों का अंदाजा वाईसी-वरसा से लगाया जा सकता है। गौर करने वाली बात यह भी है कि जब तक मकान बनकर तैयार होंगे, तब तक दिल्ली की जनसंख्या कितनी बढ़ जाएगी, यह भी देखना होगा।

प्रॉपर्टी बिजनेस में क्या बदलाव होंगे?  
लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत बनाए जाने वाले मकान थोड़े छोटे होंगे। इनके बनने से एक बात तो साफ है कि दिल्ली जैसे विकसित शहर में रहने की समस्या में थोड़ी कमी जरूर आएगी और बाहरी व्यक्ति जो दिल्ली के नहीं हैं वो यहां से पलायन कर सकेंगे। मकानों के बनने से जहां लोगों के लिए छत मुहैया कराना आसान हो जाएगा, वहीं इससे बेहतर भविष्य की कल्पना की जा सकती है।

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कब तक तैयार हो जाएंगे मकान और कब तक लोग इनमें रहने के   लिए जा सकेंगे?
मकानों के निर्माण में लम्बा वक्त लगेगा। अभी तो सिर्फ एक कदम ही बढ़ाया है और अभी 99 कदम और चलना बाकी है। इस सपने के पूरा होने में बहुत समय लगेगा। लोकल प्लान और जोनल प्लान बनाया जाना बाकी है। प्लान बनाने में और उसे पास करने में बहुत सी अड़चने आएंगी, जिसके बाद ही मकानों के निर्माण का रास्ता साफ हो पाएगा। नक्शा पास होने के बाद भी तीन साल लग जाता है।

लैंड पूलिंग पॉलिसी के बाद कैसा होगा दिल्ली का भविष्य?
इस बात में कोई शक नहीं है कि लैंड पूलिंग पॉलिसी के कामयाब होने के बाद देश की राजधानी दिल्ली का भविष्य बहुत अच्छा होगा। दिल्ली का वो बाहरी हिस्सा जहां पॉलिसी के अंतर्गत मकान बनने हैं, वह स्मार्ट सिटी का हिस्सा बन जाएगा। बेहतरीन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो पाएंगी। गावों की सूरत और सिरत दोनों बदल जाएगी और बाहरी लोगों के लिए दिल्ली आकर रहने की और काम करने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।   

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