Wednesday, Sep 18, 2019
devshayani ekadashi fast vidhi and muhurat

इस देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी ना करें ये 6 काम नहीं तो होगा बुरा

  • Updated on 7/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिंदू धर्म में एकादशी को लेकर कई मान्यताएं जुड़ी हैं जिसमें से सबसे ज्यादा देवशयनी एकादशी व्रत (Devshayani Ekadashi Fast) को माना जाता है। बता दें कि, इस साल देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) का व्रत 12 जुलाई 2019 को पड़ रहा है। इसके अलावा ये सभी व्रतों में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के व्रत को सबसे सर्वोच्च माना जाता है।

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हिंदू धर्म में मान्यता के मुताबिक जो भी इस दिन सच्चे मन से व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है और उनके सभी पापों को नाश हो जाता है। देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है और इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी और 'पद्मनाभा' भी कहते हैं। मान्यता के मुताबिक सी रात्रि से भगवान का शयन काल आरंभ हो जाता है जिसे चातुर्मास या चौमासा का प्रारंभ भी कहते है। देवशयनी एकादशी पर जानिए क्या है शुभ मुहूर्त और कैसे करें पूजा...

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पूजा का शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) 11 जुलाई रात 3 बजकर 8 मिनट से 12 जुलाई रात 1 बजकर 55 मिनट तक रहने वाली है। साथ ही प्रदोष काल शाम 5:30 से 7:30 बजे तक रहेगा। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस दिन इंसान को ज्यादा से ज्यादा दान पुण्य और आरती करना चाहिए क्योंकि इससे विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा इस दिन भगवान को नए वस्त्र पहनाएं और नए बिस्तर पर सुला दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भगवान निद्रा अवस्था में चले जाते हैं।

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देवशयनी एकादशी के दिन इन 6 खास बातों का विशेष रखें ध्यान

  • देवशयनी एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठने की कोशिश करें।
  • इस दिन घर में लहसुन प्याज का कोई भोजन ना बनाएं और ना ही खरीद कर लाएं।
  • देवशयनी एकादशी के दिन पूजा-पाठ करने से पहले साफ-सुथरे कपड़ें पहने साथ ही, इस दिन काले और नीले कपड़ों का ही प्रयोग करें।
  • देवशयनी एकादशी के व्रत विधान पर शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखें।
  • सभी प्रकार के शुद्ध और साफ पूजा पाठ सामग्री का ही प्रयोग करें।
  • पूजा में पीले फूल और फूल का प्रयोग करें

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