Saturday, Jul 11, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 10

Last Updated: Fri Jul 10 2020 09:39 PM

corona virus

Total Cases

818,647

Recovered

513,503

Deaths

22,122

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA238,461
  • TAMIL NADU114,978
  • NEW DELHI109,140
  • GUJARAT40,155
  • UTTAR PRADESH33,700
  • TELANGANA25,733
  • ANDHRA PRADESH25,422
  • KARNATAKA25,317
  • RAJASTHAN23,814
  • WEST BENGAL22,987
  • HARYANA19,736
  • MADHYA PRADESH15,284
  • BIHAR14,330
  • ASSAM11,737
  • ODISHA10,624
  • JAMMU & KASHMIR8,675
  • PUNJAB6,491
  • KERALA5,623
  • CHHATTISGARH3,305
  • UTTARAKHAND3,161
  • JHARKHAND2,854
  • GOA1,813
  • TRIPURA1,580
  • MANIPUR1,390
  • HIMACHAL PRADESH1,077
  • PUDUCHERRY1,011
  • LADAKH1,005
  • NAGALAND625
  • CHANDIGARH490
  • DADRA AND NAGAR HAVELI373
  • ARUNACHAL PRADESH270
  • DAMAN AND DIU207
  • MIZORAM197
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS141
  • SIKKIM125
  • MEGHALAYA88
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
devshayani ekadashi fast vidhi and muhurat

इस देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी ना करें ये 6 काम नहीं तो होगा बुरा

  • Updated on 7/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिंदू धर्म में एकादशी को लेकर कई मान्यताएं जुड़ी हैं जिसमें से सबसे ज्यादा देवशयनी एकादशी व्रत (Devshayani Ekadashi Fast) को माना जाता है। बता दें कि, इस साल देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) का व्रत 12 जुलाई 2019 को पड़ रहा है। इसके अलावा ये सभी व्रतों में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के व्रत को सबसे सर्वोच्च माना जाता है।

गुरू पुर्णिमा के दिन समय से पहले कर लें पूजा नहीं तो ग्रहण का पड़ेगा साया

हिंदू धर्म में मान्यता के मुताबिक जो भी इस दिन सच्चे मन से व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है और उनके सभी पापों को नाश हो जाता है। देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है और इस एकादशी को हरिशयनी एकादशी और 'पद्मनाभा' भी कहते हैं। मान्यता के मुताबिक सी रात्रि से भगवान का शयन काल आरंभ हो जाता है जिसे चातुर्मास या चौमासा का प्रारंभ भी कहते है। देवशयनी एकादशी पर जानिए क्या है शुभ मुहूर्त और कैसे करें पूजा...

इस सावन में बन रहे हैं कुछ ऐसे शुभ और अनोखे संयोग, होगा काफी लाभ

पूजा का शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) 11 जुलाई रात 3 बजकर 8 मिनट से 12 जुलाई रात 1 बजकर 55 मिनट तक रहने वाली है। साथ ही प्रदोष काल शाम 5:30 से 7:30 बजे तक रहेगा। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस दिन इंसान को ज्यादा से ज्यादा दान पुण्य और आरती करना चाहिए क्योंकि इससे विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा इस दिन भगवान को नए वस्त्र पहनाएं और नए बिस्तर पर सुला दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भगवान निद्रा अवस्था में चले जाते हैं।

18,500 फीट की ऊंचाई पर श्रीखंड महादेव करते हैं वास, कड़ी परीक्षा के बाद होते हैं दर्शन

देवशयनी एकादशी के दिन इन 6 खास बातों का विशेष रखें ध्यान

  • देवशयनी एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठने की कोशिश करें।
  • इस दिन घर में लहसुन प्याज का कोई भोजन ना बनाएं और ना ही खरीद कर लाएं।
  • देवशयनी एकादशी के दिन पूजा-पाठ करने से पहले साफ-सुथरे कपड़ें पहने साथ ही, इस दिन काले और नीले कपड़ों का ही प्रयोग करें।
  • देवशयनी एकादशी के व्रत विधान पर शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखें।
  • सभी प्रकार के शुद्ध और साफ पूजा पाठ सामग्री का ही प्रयोग करें।
  • पूजा में पीले फूल और फूल का प्रयोग करें

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.