Monday, Sep 27, 2021
-->
ganesh chaturthi 2021 know why lord ganesha is ideal prshnt

Ganesh Chaturthi 2021: जानें क्यों आदर्श हैं भगवान श्री गणेश जी?

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गणेश महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, 10 दिवसीय इस महोत्सव के लिए भक्तों ने घरों में गणपति की स्थापना कर ली है। घर में बप्पा को दस दिन तक विराजमान कर जोर-शोर से उनकी अराधना की जाएगी। लेकिन अगर कोई डेढ़ दिन, तीन दिन और सात दिन स्थापित करना चाहे, तो वे भी अपनी श्रद्धा अनुसार बप्पा को घर में विराजमान कर  सकता है। आइये जानते है कि भगवान गणेश आदर्श की कितनी छाप आज के समय में है।

Ganesh Chaturthi 2021 : घर-घर विराजे गजानंदी, घरों और मंदिरों में गणेश पूजन

भगवान गणेश ने माता पिता को ही बनाया था अपना ब्रह्माण्ड 
प्रवीण बंगवाल शास्त्री लिखते हैं, जैसा कि कथाओं में सर्वविदित हैं भगवान गणेश जी ने सदैव प्रत्येक कार्य में अपने माता पिता को सर्वोपरि मानकर ब्रह्माण्ड-परिक्रमा करने की अपेक्षा अपने माता पिता को ही अपना ब्रह्माण्ड (मेरा सब कुछ तू ही है) मान कर उनकी परिक्रमा की व आशीर्वाद स्वरूप उनको सर्वप्रथम पूजे जाने का वर भी प्राप्त हुआ। क्या यह कथा आज के इस आधुनिक युग मे कोई प्रासंगिकता रखती है अथवा निराधार है? यहाँ हमें इतना तो ज्ञात हो ही गया कि अगर भगवान गणेश को आदर्श मान रहे हैं तो ये बात भी सुनिश्चित होनी चाहिए कि हम अपने माता पिता को सर्वोपरि मानकर उनकी आज्ञा का पालन करते हैं। 

इस्कॉन संस्थापक के 125वें जयंती समारोह का कल उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री

सकारात्मक पृष्ठपोषण देना माता पिता का कर्तव्य
अब माता पिता को भी यह बात माननी होगी कि जब भगवान गणेश जी ने कहा कि मेरे सब कुछ आप हो मैं तो आपकी ही परिक्रमा करूँगा तो माता पिता (भगवान शिव व माता पार्वती) ने अपने पुत्र की श्रद्धा का मान रखा वो उसकी भावनाओं के अनुरूप उसको वर भी दिया। बच्चों के सकारात्मक नवाचार के प्रति अभिभावकों को भी नरम रुख रखना चाहिए। उनके द्वारा किये गए यथोचित नवाचार व्यवहार में सकारात्मक पृष्ठपोषण देना माता पिता का कर्तव्य हैं। कुछ परंपराओं के पालन में अगर बच्चे नवाचार लाना चाहते हैं तो उन विचारों का स्वागत होना चाहिए न कि बच्चों को दुत्कारा जाए। सही समय पर दिया गया एक सकारात्मक पृष्ठ पोषण बच्चों के सर्वागीण विकास में सहायक बनता है। 

इस छोटी सी कथा से ही यह भी सिद्ध हो जाता है कि माँ बाप की आज्ञा द्वारा किया गया कार्य आपको सदैव जीवन में अग्रगणी (श्रीगणेश) रखेगा। इसी आदर्शभाव के साथ यह गणेश चतुर्थी आपके लिए मंगलकारी व सुखमय जीवन प्रदान करने वाली हो। हार्दिक शुभकामनाएँ।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.