Friday, Apr 19, 2019

सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं दादी खिम्मी! रात में ही लगनी शुरू हो जाती है लाइन

  • Updated on 3/19/2019

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। दिल से मांगने पर हरेक मुराद पूरी हो जाती है। तभी तो यादव समुदाय के लोग चाहे हरियाणा में रहते हों या फिर राजस्थान में होली की धुलेंडी के दिन अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए दिल्ली के नजफगढ़ स्थित खैर गांव आ जाते हैं।

लोगों का कहना है कि गांव में बनी जोहड़ में नहाकर उनकी मुरादें पूरी हो जाती है। यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। श्रद्धालुओं की लाईन होली दहन के दिन रात में ही लगनी शुरू हो जाती है।

बता दें कि दुलहंदी की तैयारियां व मंदिर की देखभाल का काम गांव के लोग व श्रद्धालु चंदा जमाकर सालों से खुद करते आए हैं।

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नजफगढ़ शहर से करीब 13 किलोमीटर अंदर जब आप खैर की ओर जाएंगे तो आपको बीच में एक बहुत बड़ी कच्ची जोहड़ देखने को मिलेगी। इसे दादी खिम्मी की जोहड़ कहा जाता है, बगल में ही दादी खिम्मी का मंदिर भी है जोकि ग्रामसभा की जमीन पर बना है।

पुजारी राममनोहर शर्मा बताते हैं कि जोहड़ से मिट्टी पांच बार छांटकर ले जाने से चर्म रोग व अन्य परेशानियां दूर हो जाती है। इसीलिए श्रद्धालु साल भर जोहड़ की मिट्टी लेने यहां आते रहते हैं। होलिका दहन की शाम से ही जोहड़ में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लग जाती है।

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गांव के ही एक बुजुर्ग राम आसरे ने बताया कि कई पीढिय़ों से दादी खिम्मी को गांव के साथ ही यादव वंश के लोग पूजते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दादी खिम्मी व उनकी बहन बाई जी महाराज पतिव्रता नारी थीं और यहां सती हुईं थीं।

कहा जाता है कि इस जोहड़ के पानी में दुलहंदी के दिन नहाने से सारी मुरादें पूरी हो जाती हैं। इसीलिए लोग उस दिन बच्चों का मुंडन भी करवाते हैं और मेला लगाया जाता है जिसमें कुश्ती भी होती है। इसीलिए लोग उस दिन बच्चों का मुंडन भी करवाते हैं।

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