Wednesday, Jan 19, 2022
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Navratri 2019: नवरात्रि में ये हैं शुभ तिथियां, ऐसे करें पूजा होगी सभी मनोकामनाएं पूरी

  • Updated on 9/29/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में नवरात्रि (Navratri) को लेकर हिंदूओं की कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं और साल में यह त्यौहार दो बार आता है। इस बार नवरात्रि का त्यौहार (Festival) शरद महीने (Autum Breaks) के 29 सितंबर 2019 के दिन पड़ रहा है। नवरात्रि में करीब नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती हैं। नवरात्रि के पहले दिन में कलश स्थापना की जाती है, उसके बाद से नवरात्रि के व्रत की शुरूआत होती है।

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नौ दिनों तक होती है मां नौ स्वरूपों की पूजा

ऐसा माना जाता है कि जो भी नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक मां अम्बें की पूजा करता है व उनके व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। बता दें कि, नवरात्रि में मां के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। वहीं, नवरात्रि के अष्टमी और नवमी में धार्मिक मान्यता (Mythologoical Facts) अनुसार छोटी बच्चियों को कन्या खिलाकर व्रत का उद्यापन किया जाता है। शरद में पड़ने वाली नवरात्रि में आइए जानते हैं क्या है शुभ तिथियां।

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29 सितंबर 2019 - नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना।

30 सितंबर 2019 - नवरात्रि का दुसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।

1 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

2 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है।

3 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।

4 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।

5 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के सांतवे दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। साथ ही अष्टमी में जो भी व्रत रखता है वह इस दिन व्रत रखता है।

6 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के आंठवे दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है और इस दिन कन्या खिलाने की भी परंपरा है।

7 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन घर में हवन, यज्ञ और कन्या पूजने की परंपरा है।

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कैसे करें पूजा

इस दिन पूजा करने से पहले सूर्योदय में उठे और अपने सारे कामों से निवत्तृ हो जाएं। इसके बाद स्नान करें और साफ वस्त्रों को धारण करें। अब पूजा घर की सफाई करें और मंदिर में मूर्तियों की स्थापना करें। स्थापना करने के बाद मां दुर्गा को पुष्प, फल और सुहाग का सामान अर्पित करें। इसके बाद कलश में गंगा जल पैस और उसमें पुष्प डालकर उसके ऊपर नारियल रख दें। इसके बाद धुपबत्ति या अगरबत्ति जलाएं और मां दुर्गा की आरती करें। आरती करने के बाद सब में प्रसाद बांटे और नौ दिनों तक व्रत का संकल्प लें।

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