mystery of lord krishna this place

#HappyJanmashtami2019: आज भी इस जगह पर श्रीकृष्ण की उपस्थिती होती है महसूस

  • Updated on 8/24/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जन्माष्टमी के पर्व (Janamashtami Festival) पर आज देशभर में कान्हा का जन्म धुमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के पर्व को लेकर काफी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इतना ही नहीं लोग इस दिन को बेहद खास बनाने के लिए तरह-तरह के पकवान बनाते हैं, घरों की साज-सजावट करते हैं, कान्हा (Kanha) की विभिन्न स्वरूपों वाली मूर्तियों को लाते हैं और उन्हें नए वस्त्र पहनाकर सजाते हैं। वैसे तो लोग कान्हा को नहीं बल्कि उनकी स्मृतियों (Statues) को सजाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज भी कान्हा का प्रतिबिंब नहीं बल्कि वे खुद हमारे बीच मौजूद हैं।

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भगवान कृष्ण का रहस्यमयी मंदिर

दरअसल, आज हम कान्हा के रहस्यमयी मंदिर (Mysterious Temple) निधिवन के बारे में बात करेंगे। श्रीकृष्ण के इस मंदिर से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं जिनमें ऐसा कहा जाता है कि आज भी भगवान कृष्ण राधा के साथ इसी वन में रास रचाने आते हैं और निधिवन (Nidhivan) में लगे सभी पेड़ गोपियां (Gopiyan) का रूप धारण कर लेते हैं। वैसे तो दिन में मंदिरों में अनेकों लोगों की भीड़ जमा होती है लेकिन शाम होते ही सभी जगह सन्नाटा पसर जाता है।

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रात में पशु-पक्षी भी जाने से हैं कतराते

यहां तक कि सुबह जो मंदिर में बंदर और चिड़ियाएं दिखाई देती हैं। वे भी रात में उस जगह जानें से कतराते हैं। निधिवन के अलावा एक और मंदिर है जिससे कृष्ण और राधा का विश्राम स्थल भी कहा जाता है। श्रीकृष्ण (Shree Krishna) और राधा (Radha) के विश्राम स्थल (Rest House) रंग महल (Rang Mahal) में श्रीकृष्ण और राधा की सेज सजाई जाती है, जहां वे आराम करते हैं, वहीं उनके लिए नए वस्त्र, गहनें और आभूषण भी रखे जाते हैं और साथ ही एक लोटा भरा दूध भी वहां उनके लिए रखा जाता है।

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रासलिला देखने वाले का खो जाता है मानसिक संतुलन

मंदिर के कर्मचारियों का भी ऐसा कहना है कि, जब वे रंग महल में जाते हैं तो सब कुछ बिखरा हुआ होता है। इतना ही नहीं जो दूध का लोटा भरकर रखा जाता है वो भी खाली हो जाता है। और अगर इन पेड़ों को गौर से देखा जाए तो आपको मिलेगा कि इनकी शाखाएं आसमान की तरफ नहीं बल्कि जमीन की ओर बढ़ती हैं। यही नहीं अगर कोई तुलसी के पेड़ की एक डंडी या फिर पत्ति को तोड़ता है तो उसके लिए ये एक खतरनाक साबित हो सकता है। कर्मचारियों का यह भी मानना है कि श्रीकृष्ण और राधा की रासलिला के दौरान यदि कोई उन्हें देख लेता है तो या तो उसका मानसिक संतुलन खो जाता है और वह अंधा भी हो सकता है। 

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