Friday, Nov 16, 2018

हर तीन साल बाद आती है जयेष्ठ मास की अमावस्या, जाने क्यों है खास

  • Updated on 6/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिंदू धर्म में जयेष्ठ अमावस्या का खास महत्व है। जयेष्ठ मास में 2 अमावस्याएं, 2 पूर्णिमा और 4 एकादशियां आती है। धर्म कर्म और दान पुण्य की वजह से यह महीना बेहद शुभ माना जाता है। यही नहीं आज जयेष्ठ मास की खास अमावस्या है।  

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इस अमावस्या की खास बात यह है कि यह मलमास की अमावस्या है जो हर तीन साल बाद आती है। इस दिन सुबह और शाम में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण की पूजा का बहुत महत्व रहता है। इस दिन तुलसी की पूजा करने से सुख-समृधि मे वृद्धि होती है। 

इसलिए आज समृधि और धन वृद्धि के लिए इन उपायों को जरुर आजमाकर देखें:

  • सुबह या शाम को सूर्यास्त से पहले तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीप जलाकर तुलसी की माला से भगवान विष्णु के नाम का जप करें। ध्यान रखें कि जप करते वक्त आपका मुख पूर्व दिशा में हो।
  •  तुलसी की पूजा और जाप करते हुए इस मंत्र का जप करें

वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतनामांष्टक चैव स्त्रोत नामर्थं सयुंतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलभेत।।

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  • आज गुड़, अन्न, घी का दान करने से लाभ होगा, साथ ही आज के दिन अगर पितरों के नाम पर एक लोटा जल अर्पित किया जाए तो उन्हें तृप्ति मिलती है। 
  • धार्मिक मान्यता है कि पीपल की जड़ में भगवान विष्णु, तने में शिवजी और शाखाओं में ब्रह्माजी का वास होता है, ऐसे में आज के दिन पीपल के जल अवश्य चढ़ाना चाहिए। 


 

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