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आखिर गुरुवार के दिन क्यों किया जाता है पीले वस्त्रों को धारण, वजह जानें

  • Updated on 7/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गुरुवार (Thursday) के दिन इस बात से हर कोई अवगत है कि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है और धार्मिक मान्यता (Religion Importance) के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा का इस दिन काफी महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म (Hindu Religion) के अनुसार गुरुवार के दिन की गई पूजा से इंसान को मनचाहा फल प्राप्त होता है।

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पीला रंग है ऐकादशी के दिन शुभ

ऐकादशी (Ekadashi) के दिन अक्सर लोग केले के पेड़ (Banana Tree) की पूजा करते है, पीली चीज खाते हैं, और इस दिन पीले कपड़ों को भी धारण करते हैं। लेकिन इस पीले कपड़ों (Yellow Dress) को ही क्यों धारण करना चाहिए इससे जुड़ा भी एक रहस्य है। आपको बता दें कि, इस दिन पीले रंग के वस्त्रों को धारण करना बहुत शुभ माना गया है क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को अधिक प्रिय है।

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क्यों पीले रंग के वस्त्रों का हैं महत्व 

साथ ही पीला रंग (Yellow Color) सादगी का प्रतीक है और इसीलिए हिंदू धर्म में पीले रंग के कपड़ों को लेकर काफी मान्यता है। वैसे तो इसे ज्योतिषशास्त्र (Astrology) में बृहस्पति (Thursday) यानी की गुरु को शुभ गृह (Lucky Planet) माना गया है और बृहस्पतिवार को गरुवार भी कहा जाता है। इस दिन गुरु की पूजा की जाती है और इस दिन की गई पूजा में पीले रंग के वस्त्र को पहनना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

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हर समस्या से निवारण दिलाते हैं भगवान विष्णु का यह व्रत

बता दें कि, बृहस्पति के दिन रखें गए व्रत में पीले वस्त्रों का धारण जरुर करें, इससे सभी मनोकामनाओं (Wishes) की पूर्ति होती है और अगर शादी (Marriage), रोजगार (Job), या फिर घरेलू परेशानी (Domestic Problem) से संबंधित कोई भी बाधा आ रही हो तो इस रखे गए व्रत से आपकी सभी परेशानियों का हल आसानी से निकल जाता है। इसके लिए यह जानना जरूरी है कि बृहस्पति के दिन भगवान विष्णु की किस प्रकार पूजा की जाती है।

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गुरुवार के दिन ऐसे करें पूजा

सुर्योदय होते ही पहले सारे कामों से निवृत्त हो जाए। इसके बाद स्नान कर पीले वस्त्रों को धारण कर लें। वस्त्र को धारण करने के बाद केले के पेड़ की पूजा करें। पूजा करने से पहले केले के पेड़ पर जल अर्पित करें इसके बाद हल्दी (Turmeric) का टीका लगाए फिर चना दाल और गुड़ को केले के पेड़ पर चढ़ाए। पूजा करने के बाद बृहस्पतिवार (Thursday) की कथा का पाठ करें। पूजा संपन्न होने के बाद भगवान के सामने हाथ जोड़कर व्रत (Fast) का संकल्प लें।

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गुरुवार के दिन ऐसे रखें व्रत

व्रत रखने के लिए पूरे दिन में किसी भी प्रकार के अनाज या नमक से बनी चीजों का सेवन ना करें और पीले रंग की चीजें खाए जैसे, बेसन के लड्डू, पीला दूध, बेसन का चीला बिना नमक वाला या फिर पीला हल्वा आदि का सेवन करें। लेकिन एक बात का विशेष ध्यान रखें की पूरे दिन में सिर्फ एक ही बार व्रत में खाए। इसके बाद अगले दिन स्नान करने के बाद पूजा करें और व्रत का उद्दयापन कर दें।

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