Thursday, Aug 18, 2022
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आखिर क्यों हनुमान जी ने रामायण लिखकर समुद्र में फेंक दी?

  • Updated on 6/26/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल।  रामायण को वाल्मीकि और तुलसीदास ने लिखी है ये तो सब जानते होंगे लेकिन इन सबसे पहले रामायण को हनुमान जी ने लिखा था जिसे हनुमद रामायण के नाम से जानते हैं। आपको शायद ही पता हो कि हनुमान जी ने रामायण को लिखने के बाद समुद्र में फेंक दी थी। आइए जानते हैं कि आखिर हनुमान जी ने ऐसा किया क्यों था।

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शास्त्रों के मुताबिक रामायण को हनुमान जी ने अपने नाखूनों से लिखा था। इस रामायण को हनुमान जी ने वाल्मीकि रामायण से भी पहले लिखा था। 

 आपको बता दें कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम अयोध्या पर राज करने लगे थे और हनुमान जी हिमालय पर भगवान शिव के तप के दौरान अपने नाखूनो से रामायण लिखते थे। 

महार्षि ने भी जो रामायण लिखी थी उसे भगवान शिव को समर्पित करने के उद्देश्य से कैलाया पहुंचे। वहां पहले से ही हनुमान जी के द्वारा लिखी हनुमद देखकर निराश हो गये।

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वाल्मीकि को निराश देखकर हनुमान जी ने पर्वत शिला को एक कंधे पर और दूसरे कंधे पर महर्षि वाल्मीकिजी को बैठाकर समुद्र मे लेकर गये और उस शिला को समुद्र में डुबा दिया। तभी से हनुमान जी द्वारा लिखी रामकथा कही भी उपलब्ध नही हैं।


 

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