Thursday, Mar 04, 2021
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अमरीका में लोकतंत्र जीता, ट्रम्प हारा, रस्सी जल गई पर बल न गया

  • Updated on 1/22/2021

अमरीका के इतिहास में डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) (रिपब्लिकन) संभवत: सर्वाधिक विवादास्पद राष्ट्रपति सिद्ध हुए हैं जिन पर शुरू से ही भ्रामक बयानबाजी करने, उलटे-सीधे निर्णय लेने व वायदों से मुकरने के आरोप लगते रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ट्रम्प के साथ ‘अच्छे’ संबंध होने के कारण भारत को उनसे काफी उम्मीदें थीं पर ट्रम्प ने उनका भ्रम जल्दी ही दूर करके गत वर्ष अप्रैल में अमरीका में रोजगार आधारित एच-1 बी वीजा तथा अन्य अस्थायी कामकाजी वीजा 31 दिसम्बर, 2020 तक निलंबित कर दिए।

जाते-जाते ट्रम्प ने इन प्रतिबंधों की अवधि 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा कर भारत को एक और झटका दे दिया। ट्रम्प के दोहरे आचरण के कारण ही अमरीका में रहने वाले लगभग 90 प्रतिशत भारतीयों ने उनके विरुद्ध मतदान करके ‘जो बाइडेन’ (डैमोक्रेट) की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। 

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डोनाल्ड ट्रम्प 1991 और 2009 के बीच अपने ‘होटल तथा कैसिनो व्यवसाय’ को 6 बार दीवालिया घोषित करने के बावजूद इन पर अपना कब्जा कायम रखने में सफल हो चुके हैं और उनका कहना था कि ‘‘मैं चुनावों में भी इसी तरह ‘टोटल विक्ट्री’ प्राप्त करूंगा।’’  उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि वह 20 जनवरी को ‘व्हाइट हाऊस’ भी नहीं छोड़ेंगे।

 गत 4 जनवरी को उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमें उन्होंने जाॢजया के शीर्ष चुनाव अधिकारी को फोन करके नतीजा बदलने का दबाव डालते हुए कहा था कि ‘‘मेरी हार को जीत में बदलने के लिए पर्याप्त वोटों का जुगाड़ करो।’’ 

उन्होंने 3 नवम्बर, 2020 को घोषित चुनावों के परिणामों में अपनी पराजय को अंतिम समय तक स्वीकार नहीं किया और वह अमरीका के ऐसे एकमात्र राष्ट्रपति सिद्ध हुए हैं जिनके विवादास्पद कृत्यों के कारण उनके विरुद्ध एक कार्यकाल में ही 2 बार महाभियोग के प्रस्ताव लाए गए। 

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सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में पहला महाभियोग प्रस्ताव 18 दिसम्बर, 2019 को और दूसरा महाभियोग प्रस्ताव 14 जनवरी, 2021 को ‘हाऊस आफ रिप्रैजेंटेटिव्स’ में पारित किया गया। हालांकि इन दोनों ही महाभियोग प्रस्तावों में आगे की कार्रवाई लंबित है।

अमरीका के इतिहास में पहली बार ट्रम्प की उकसाहट पर 6 जनवरी, 2021 को ट्रम्प के समर्थकों ने अमरीका की संसद ‘कैपिटल हिल’ पर हमला करके भारी हिंसा की और खिड़कियों के शीशे तथा दरवाजे तक तोड़ दिए।

ट्रम्प के इस कृत्य के विरुद्ध उनकी अपनी ही ‘रिपब्लिकन पार्टी’ के 10 सांसदों ने भी ट्रम्प के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और ट्रम्प का साथ देने पर शॄमदगी तक जाहिर की।

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बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में तीन पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (डैमोक्रेटिक), जॉर्ज बुश जूनियर (रिपब्लिकन) और बराक ओबामा (डैमोक्रेटिक) ने अपनी पत्नियों सहित शामिल होकर अपनी सद्भावना का परिचय दिया परंतु ट्रम्प ने इसमें भाग न लेकर अपनी मानसिक संकीर्णता का ही परिचय दिया।

भारत व अमरीका दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं जिनमें लोकतंत्र के प्रति समान रूप से अत्यधिक आदर का भाव रहा है परंतु इस बार अमरीका के चुनावों में ट्रम्प (रिपब्लिकन) व उनके समर्थकों ने जो कुछ किया उससे अमरीका में लोकतंत्र के दागदार होने का खतरा पैदा हो गया था।

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यह आशंका नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ‘जो बाइडेन’ ने अपने भाषण में लोकतंत्र की रक्षा करने, वैश्विक सहयोगियों के साथ संबंध सुधारने, सच्चाई की रक्षा करने और झूठ को हराने का संकल्प व्यक्त करके और ट्रम्प के मनमाने फैसले रद्द करने के अपने मिशन की घोषणा करके दूर कर दी है। 

इनमें कुछ मुस्लिम बहुल आबादी वाले देशों पर लगाया ट्रैवल बैन समाप्त करना, विश्व स्वास्थ्य संगठन से समझौता करना, पर्यावरण संधि से फिर जुडऩा, छात्रों को दिए गए ऋणों पर ब्याज की वसूली का आदेश रद्द करना आदि शामिल हैं।

लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था का परिचय उन्होंने अपने शपथ ग्रहण भाषण में यह कह कर दिया है कि‘‘यह किसी व्यक्ति की विजय का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विजय का जश्र है।’’

इसके साथ ही ‘जो बाइडेन’ ने अपने कार्यकाल के प्रथम 100 दिनों में 10 करोड़ अमरीकियों को कोरोना का टीका लगवाने, मास्क पहनना अनिवार्य करने, अमरीकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, नस्ली भेदभाव समाप्त करने, आव्रजन कानूनों में ढील देने की बात कह कर, आतंकवाद पर चीन और पाकिस्तान को चेतावनी देकर और चीन के विरुद्ध भारत का साथ देने की बात कह कर अपनी सद्भावना का संकेत दे दिया है। 

दूसरी ओर ‘रस्सी जल गई पर बल न गया’ वाली कहावत चरितार्थ करते हुए ट्रम्प ने जाते-जाते अपने समधी सहित 143 लोगों को विभिन्न अपराधों में क्षमादान देकर या उनकी सजा कम करके, अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने, जल्द ही नए स्वरूप में लौटने की बात कह कर अपने भविष्य के इरादे भी जाहिर कर दिए हैं।

—विजय कुमार

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