Friday, Jul 30, 2021
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‘नजदीक आ रहे चुनाव’‘मतदाताओं के लिए रियायतों का सिलसिला शुरू’

  • Updated on 6/20/2021

सरकारें अपने कार्यकाल के अधिकांश समय तो राजनीतिक उठा-पटक में व्यस्त रहती हैं और धन की कमी का रोना रोती रहती हैं लेकिन जब चुनाव निकट आते हैं तो वोट बटोरने के लिए उन्हें जनता की याद आ जाती है। तब वे रियायतों की घोषणाओं का सिलसिला शुरू कर देती हैं। 

अब जबकि अगले वर्ष के शुरू में गोवा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर विधानसभाओं के चुनाव होने वाले हैं, सिवाय मणिपुर के चारों राज्यों की सरकारों ने मतदाताओं के लिए सुविधाओं की घोषणा शुरू कर दी है। उक्त 4 में से 3 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं जहां वह सत्ता को बचाने की कवायद में जुटी हुई है। इनमें से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दो ऐसे राज्य हैं जहां पिछले दो दशक से हर पांच साल बाद सत्ता बदल जाती है। 

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अगले 6 महीनों में 10000 सरकारी नौकरियों के अलावा स्कूलों में रोबोटिक्स तथा ‘कोडिंग’ का प्रशिक्षण शुरू करने और कोरोना के चलते परिवार का एक सदस्य खोने वालों को 2 लाख रुपए देने की घोषणा की है। उत्तराखंड के लिए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने चारधाम आल वैदर रोड तथा रेलवे लाइन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, नई केदारपुरी के विकास और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन तथा दिल्ली-देहरादून के लिए नए एक्सप्रैस वे का कार्य इसी वर्ष शुरू करने की घोषणा की है। 

उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा राम मंदिर के निर्माण की शुरूआत के अलावा राज्य सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज करने, राज्य में सुपर हाईवे के निर्माण, डिफैंस कारिडोर और राजधानी लखनऊ में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। इसी शृंखला में रामनगरी अयोध्या में उत्तर प्रदेश सरकार ने 400 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस अड्डे के निर्माण, अयोध्या-सुल्तानपुर मार्ग पर फोरलेन लाईओवर तथा प्रयागराज में सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन पर फोरलेन ओवरब्रिज के अलावा कानपुर की ओर दो लेन वाले लाईओवर के निर्माण को स्वीकृति दी है। हालांकि मणिपुर के विषय में राज्य सरकार की ओर से अभी कोई घोषणा नहीं आई है परंतु ऐसा समझा जाता है कि प्रधानमंत्री द्वारा दिस बर तक देश की स पूर्ण वयस्क आबादी के मुफ्त टीकाकरण के अलावा गरीबों के लिए मु त अनाज आदि की घोषणाओं का इसे लाभ मिलेगा। 

जहां तक गैर भाजपा शासित राज्य पंजाब का संबंध है, यहां मु यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने राज्य के 5.4 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की अधिकांश सिफारिशें लागू करने की घोषणा कर दी है। 1 जुलाई, 2021 से लागू की जाने वाली इन सिफारिशों का लाभ 1 जनवरी, 2016 से मिलेगा और बकाया राशि का भुगतान 2 किस्तों में किया जाएगा। 

इन सिफारिशों से पंजाब के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 6950 रुपए से बढ़ कर 18,000 रुपए व न्यूनतम पैंशन 35,00 रुपए से बढ़कर 9000 रुपए हो जाएगी और अब तलाकशुदा व विधवा बेटी भी पैंशन के लिए हकदार होगी। इसके अलावा कैप्टन सरकार ने विधायकों को उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 13-13 करोड़ रुपए की शुरूआती राशि जारी कर दी है तथा बाद में इतनी ही और राशि 2 से 3 किस्तों में देने की घोषणा भी की है। 

कांट्रैक्ट पर काम करने वाले सीवरमैन तथा सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा करने के अलावा अमरेंद्र सिंह ने ओलि िपक खेलों में भाग लेने जाने वाले पंजाब के खिलाडिय़ों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा भी की है। स्पष्टत: उक्त राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों ने खुले दिल से तरह-तरह की सुविधाओं और रियायतों की घोषणा कर दी है जिनमें आने वाले दिनों में और भी वृद्धि होगी।निश्चय ही जनता को सुविधाएं देना अच्छी बात है। इसीलिए हम बार-बार लिखते रहते हैं कि चुनाव पांच वर्ष की बजाय अमरीका और जर्मनी जैसे विकसित देशों की भांति प्रत्येक चार वर्ष के बाद ही होने चाहिएं। 

इससे जहां पहला वर्ष सरकारों को अपना कामकाज समझने में लग जाएगा वहीं चौथा वर्ष अपनी सरकार बचाने के लिए जनता को सुविधाएं व रियायतें देने में लगेगा। इससे सरकारों के काम में चुस्ती आएगी, लोगों को सुविधाएं मिलने से उनके काम जल्दी होने लगेंगे और प्रदेश के विकास में तेजी आएगी।

—विजय कुमार

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