Thursday, Mar 04, 2021
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भारत को जो बाइडेन से उम्मीदें

  • Updated on 1/18/2021

कई  वर्षों से भारत और अमरीका (America) के बीच बड़े अच्छे द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंध रहे हैं। अब भारत की नजरें खास तौर पर ‘जो बाइडन’ (Joe Biden) प्रशासन की विदेश नीति और इस विदेश नीति के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव पर रहेंगी। भारत अमरीका की पाकिस्तान के प्रति नीति को लेकर विशेष तौर पर सजग रहेगा क्योंकि भारत में आतंक फैलाने वाले आतंकवादी पाकिस्तान की धरती पर ही पाले-पोसे जा रहे हैं और अभी तक ‘जो बाइडन’ ने इन आतंकवादियों को लेकर किसी प्रकार का कोई बयान नहीं दिया है।

जम्मू-कश्मीर में से धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जोर-शोर से उठा कर कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन की दुहाई देता रहा है लेकिन उसे इक्का-दुक्का देशों को छोड़ कर किसी का समर्थन नहीं मिला क्योंकि भारत दुनिया में यह संदेश देने में कामयाब रहा है कि यह भारत का आंतरिक मामला है और इसमें तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है। 

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अमरीका में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति रहते पाकिस्तान इस मामले पर अमरीका का समर्थन भी हासिल नहीं कर पाया लेकिन कश्मीर में अलगाववादी और भारत विरोधी ताकतें ट्रम्प की हार पर खुश हैं और  इस मामले में ‘जो बाइडेन’ से भारत विरोधी स्टैंड लिए जाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं लेकिन दूसरी ओर भारत भी इस मामले में ‘जो बाइडेन’ की ओर से ट्रम्प की ही नीति का अनुसरण किए जाने की उम्मीद कर रहा है। 

भारत और चीन के मध्य लद्दाख में जारी गतिरोध और चीन के आक्रामक रुख पर  भी भारत को ‘जो बाइडेन’ प्रशासन से समर्थन की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि भारत ‘दक्षिण चीन सागर’ में चीन की दादागिरी के विरुद्ध बने जापान, आस्ट्रेलिया और अमरीका के समूह ‘क्वाड’ का हिस्सा है और कोरोना काल में चीन के विरुद्ध बने विश्वव्यापी माहौल में भारत ने यूरोप और अन्य देशों का साथ दिया है।

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चीन के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण के लिए भी अमरीका को भारत की जरूरत है लिहाजा भारत इस मामले में ‘जो बाइडेन’ और अमरीका की ओर से चीन के विरुद्ध स्टैंड लिए जाने की उम्मीद कर रहा है 

भारत की ‘जो बाइडेन’ से अन्य उम्मीद  एच 1 बी वीजा को लेकर जुड़ी हुई है। चुनाव के दौरान स्थानीय अमरीकियों को लुभाने के लिए  राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रम्प ने इस वीजा को लेकर सख्ती की है और ट्रम्प के कार्यकाल में इस वीजा के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों के आवेदन बड़े स्तर पर खारिज किए गए हैं। भारत इस मामले को लगातार अमरीका के समक्ष उठाता रहा है लेकिन अभी तक इसका कोई नतीजा नहीं निकला है लेकिन ‘जो बाइडेन’ के आने के बाद भारत को इस मामले में राहत की उम्मीद है।

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अमरीका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और भारत के कुल निर्यात का 16.8 फीसदी निर्यात अमरीका को ही  किया जाता है लेकिन ट्रम्प के राष्ट्रपति रहते दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में थोड़ी तल्खी आ गई थी और दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिए थे। 

ट्रम्प ने भारत को दुनिया का सर्वाधिक टैक्स लगाने वाला देश कहा था और भारतीय स्टील पर 25 प्रतिशत टैक्स थोप दिया था लेकिन ‘जो बाइडेन’ के कार्यकाल के दौरान भारत को व्यापारिक रिश्ते और अधिक सुधरने की उम्मीद है। अमरीका भारत से खाद्य पदार्थों के अलावा चमड़े की वस्तुएं, मसालों, दालों, कृत्रिम ज्यूलरी, बासमती और गैर बासमती चावल का आयात करता है और भारत को आने वाले दिनों में ‘बाइडेन’ से टैक्सों में राहत की उम्मीद है।

हालांकि भारत के अलावा चीन भी बाइडेन के कार्यकाल में अमरीका के साथ संबंध सुधरने की उम्मीद कर रहा है और यदि  अमरीका चीन के साथ भी संतुलन बनाने की कोशिश करता है तो निश्चित तौर पर इसका असर भारत पर जरूर पड़ेगा और साथ ही ‘जो बाइडेन’ की पाकिस्तान के प्रति नीति भी भारत को जरूर प्रभावित करेगी लेकिन फिलहाल तो नए राष्ट्रपति को पद संभालने से पूर्व बधाई देने का समय है और उम्मीद करनी चाहिए कि ‘जो बाइडेन’ के कार्यकाल में अमरीका-भारत के रिश्ते एक नया अध्याय लिखेंगे।

- विजय कुमार

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