Saturday, Jun 06, 2020

Live Updates: Unlock- Day 5

Last Updated: Fri Jun 05 2020 11:35 PM

corona virus

Total Cases

236,621

Recovered

114,817

Deaths

6,621

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA80,229
  • TAMIL NADU28,694
  • NEW DELHI26,334
  • GUJARAT19,119
  • RAJASTHAN10,084
  • UTTAR PRADESH9,733
  • MADHYA PRADESH8,996
  • WEST BENGAL7,303
  • KARNATAKA4,835
  • BIHAR4,598
  • ANDHRA PRADESH4,112
  • HARYANA3,281
  • TELANGANA3,147
  • JAMMU & KASHMIR3,142
  • ODISHA2,608
  • PUNJAB2,415
  • ASSAM2,116
  • KERALA1,589
  • UTTARAKHAND1,153
  • JHARKHAND889
  • CHHATTISGARH773
  • TRIPURA646
  • HIMACHAL PRADESH383
  • CHANDIGARH304
  • GOA166
  • MANIPUR124
  • NAGALAND94
  • PUDUCHERRY90
  • ARUNACHAL PRADESH42
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA33
  • MIZORAM22
  • DADRA AND NAGAR HAVELI14
  • DAMAN AND DIU2
  • SIKKIM2
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
modi-government-welfare-schemes-during-lockdown-are-not-implemented-honestly-aljwnt

मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाएं परंतु लागू करने वाली प्रणाली बेईमान

  • Updated on 5/12/2020

लॉकडाउन में काम धंधे ठप्प हो जाने से बेरोजगार हुए देश के विभिन्न भागों में कार्यरत प्रवासी मजदूर भुखमरी की नौबत आ जाने के चलते अपने राज्यों को लौट जाने के लिए बेचैन हो उठे हैं। हालांकि विभिन्न राज्य सरकारों ने इनके लिए शैल्टर होम खोले हैं और प्रवासियों की घर वापसी के लिए विशेष रेलगाडिय़ां भी चलाई जा रही हैं परंतु हालात के मारे ये मजदूर अपनी बारी आने का इंतजार किए बिना ही हजारों की संख्या में पैदल, साइकिलों पर या ट्रकों और दूध के टैंकरों आदि में छिप कर अपने राज्यों को जाने को कोशिश में जान गंवा रहे हैं।

इसी प्रयास में पैदल ही 36 किलोमीटर की दूरी तय करके ट्रेन पकडऩे जा रहे लॉकडाऊन के कारण घर लौटने को प्रयत्नशील मध्य प्रदेश के बेरोजगार मजदूर 8 मई को महाराष्ट्र के औरंगाबाद के निकट थकान के कारण रेल की पटरियों पर ही इतनी गहरी नींद में सो गए कि उनके ऊपर से एक मालगाड़ी गुजर जाने से उनके चीथड़े उड़ गए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री शांता कुमार ने इस पर कहा है कि, 'विश्व में तेजी से विकास कर रहे देश के रूप में पेश किए जाने वाले भारत में यह घटना भारत की अर्थ व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करती है तथा प्रवासी मजदूरों में व्याप्त पैदल ही अपने घर वापसी की बेचैनी ने समूचे देश की आंखें खोल दी हैं।'

श्री शांता कुमार के अनुसार, 'कोविड-19 के प्रकोप से पहले यह दावा किया जा रहा था कि भारत विश्व की पांचवीं सबसे तेज गति से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था है जो विश्व के पांच सबसे अमीर देशों में शुमार है औरकरोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा चुका है लेकिन अब ‘कोरोना’ वायरस की महामारी ने सच सामने ला दिया है।'

'मोदी सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं लेकिन इन्हें लागू करने के लिए जिम्मेदार प्रणाली बेईमान और अक्षम है। विभिन्न योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं किया गया। हमारी सफलता के रूप में पेश किए जाने वाले आंकड़े कोरा झूठ हैं।'

'विकास तो हुआ लेकिन इससे गरीबों की मदद नहीं हुई। लगातार बढ़ रही जनसंख्या कभी भी गरीबी को समाप्त नहीं होने देगी जो हमारे देश में एक वास्तविकता बन चुकी है और उसके लिए कठोर कानून लागू करने की आवश्यकता है। ऐसा नहीं करने पर औरंगाबाद जैसी घटनाएं होती ही रहेंगी।'

श्री शांता कुमार की उक्त टिप्पणी सरकार से इस ज्वलंत प्रश्र पर विचार करने की मांग करती है कि हमारी प्रणाली में वे कौन सी खामियां है जिस कारण प्रवासी मजदूरों की समस्या बेकाबू होती जा रही है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या करना चाहिए।

-विजय कुमार

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.