Friday, May 14, 2021
-->
untimely deaths from sleeping by burning fireplace aljwnt

‘कड़ाके की ठंड में बंद कमरों में’ ‘अंगीठी जला कर सोने से हो रही असामयिक मौतें’

  • Updated on 1/21/2021

इन दिनों देश के अनेक भागों में कड़ाके की ठंड पड़ने से कई इलाकों में तापमान शून्य से भी नीचे चला गया है। अज्ञानता व जागरूकता की कमी से अनेक लोग कमरों में अंगीठी जला कर सोने के कारण जहरीला धुआं चढ़ने से अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं।

इसलिए बंद कमरे में लकड़ी या कोयले की अंगीठी को देर तक जला कर रखना अत्यंत खतरनाक है। इससे कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और कार्बन मोनोआक्साइड सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच कर खून में मिल जाती है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाने से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। कमरे में अंगीठी जलाने से हुई मौतों के हाल ही के चंद दर्दनाक उदाहरण निम्र में दर्ज हैं : 

भगवान राम के पावन नाम की गरिमा बढ़ाएं, चंदा केवल ट्रस्ट को भेजें

* 16 दिसम्बर, 2020 को हिमाचल (Himachal) में कुल्लू के एक गैस्ट हाऊस में रात को सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जला कर सोए दो युवकों की मौत हो गई। 
* 18 दिसम्बर को उत्तराखंड (Uttarakhand) में ‘जसपुर’ के मोहल्ला ‘भूप सिंह’ में अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण दो युवकों ने दम तोड़ दिया।
 * 18 दिसम्बर को ही बिहार (Bihar) के नवादा  के ‘कौआकोल’ गांव में बंद कमरे में अंगीठी जला कर सो रहे एक ही परिवार के 7 सदस्य जहरीली गैस चढ़ जाने से बेहोश हो गए जिनमें से एक की बाद में मृत्यु हो गई।

इमरान के हाथ से निकलता पाकिस्तान सिंध, पाक अधिकृत कश्मीर आदि में बढ़ा असंतोष
* 21 दिसम्बर को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गोरखपुर के गांव ‘मझवलिया’ में बंद कमरे में अंगीठी जला कर सो रही तीन सगी बहनों प्रतिमा (20), अंतिमा (18) और  निधि (17) में से दो की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मृत्यु हो गई जबकि तीसरी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
* 28 दिसम्बर को राजस्थान (Rajasthan) में जोधपुर के ‘देड़ा’ गांव में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सो रही ‘छगनी देवी’ नामक बुजुर्ग महिला की कमरे में जहरीला धुआं भर जाने से मृत्यु हो गई।
* 30 दिसम्बर को दिल्ली (Delhi) के ‘समालखा’ में राम प्रवेश और उसकी पत्नी कविता की कमरे में जल रही अंगीठी के जहरीले धुएं से मृत्यु हो गई। 

भारत को जो बाइडेन से उम्मीदें
* 1 जनवरी, 2021 को फरीदाबाद के वजीरपुर में ठंड से बचने के लिए जलाई अंगीठी के धुएं ने एक पति-पत्नी व उनकी 9 वर्षीय बेटी की जान ले ली।
* 10 जनवरी को उत्तराखंड में ‘चम्पावत’ के ‘चौड़ाकोट’ गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे बुजुर्ग तेज सिंह की दम घुटने से मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी बसंती देवी गंभीर रूप से बीमार हो गई।
* 12 जनवरी को फिल्लौर के निकटवर्ती गांव ‘जगतपुरा’ में सर्दी से बचने के लिए कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सो रहे साहिल नामक युवक की कोयले के जहरीले धुएं से दम घुट जाने के कारण मृत्यु हो गई जबकि उसका पिता गंभीर रूप से बीमार हो गया। 
* 14 जनवरी को उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में घर में अंगीठी जला कर सोए चार लोगों में से एक की जहरीली गैस से मौत हो गई। 
* 16 जनवरी को बहादुरगढ़ में कमरे में अंगीठी जला कर सो रहे तीन युवकों में से एक की मौत तथा 2 गंभीर रूप से बीमार हो गए।
* 16 जनवरी को उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के ‘गईदा पुरवा’ गांव में ठंड से बचाने के लिए तीन मास के बच्चे के निकट रखी अंगीठी की गैस चढऩे से उसकी मौत हो गई।
* 18 जनवरी को अमृतसर के ‘लोहगढ़’ में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे मां-बेटे की दम घुटने से मृत्यु हो गई।
* 18 जनवरी को ही एक अन्य घटना में फिरोजपुर के गांव ‘हामद’ में एक महिला राजबीर कौर और उसके दो बेटों 5 वर्षीय एकमप्रीत और 12 वर्षीय साहिलप्रीत की अंगीठी की जहरीली गैस से मौत हो गई।
* 20 जनवरी को फरीदाबाद के सैक्टर 58 में बंद कमरे में अंगीठी जला कर सो रहे पति-पत्नी और उनके बेटे की दम घुटने से मौत हो गई।
कमरे में अंगीठी नहीं जलानी चाहिए और यदि जलानी ही पड़े तो सोने से पहले उसे बुझा देना चाहिए ताकि धुआं पैदा न हो। सोते समय खिड़की और रोशनदान भी कुछ खुले रखने चाहिएं। 
ये छोटी-छोटी परंतु महत्वपूर्ण सावधानियां अपना कर ही हम इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। प्रशासन को भी चाहिए कि इस संबंध में लोगों को जागरूक करे ताकि इस तरह की दर्दनाक और असामयिक मौतों के परिणामस्वरूप परिवार तबाह होने से बच सकें।   

 —विजय कुमार 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.