Thursday, Aug 11, 2022
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india first personalized app okiepoki launches phonetics ai solution for kids

भारत के पहले पर्सनलाइज्‍ड ऐप ऑकीपॉकी ने बच्‍चों के लिये फोनेटिक्‍स एआई सॉल्‍यूशन किया लॉन्‍च

  • Updated on 2/23/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अंग्रेजी हालांकि सबसे ज्‍यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, लेकिन इसमें निपुणता पाना कठिन माना जाता है। इसमें कई ऐसे शब्‍द हैं, जिनकी स्‍पेलिंग एक है, लेकिन मायने पूरी तरह से अलग हैं। चूंकि दुनिया में ज्‍यादातर बच्‍चों को अंग्रेजी पढ़ाई जाती है, इसलिये उन्‍हें सही पढ़ने और उच्‍चारण के लिये अक्षर और ध्‍वनि का सम्‍बंध समझना ही चाहिये। यह समझते हुए, भारत के अग्रणी इंग्लिश लर्निंग ऐप ऑकीपॉकी ने एक फोनेटिक्‍स फीचर पेश किया है, जो बच्‍चों द्वारा भाषा को सीखने का तरीका बदलेगा। फोनेटिक्‍स सीखने से ज्ञात और आकस्मिक, दोनों ध्‍वनियों को पहचानने में मदद मिलती है, उच्‍चारण क्षमता बेहतर होती है और शब्‍दों तथा ध्‍वनियों को समझने में आत्‍मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।

पढ़ाने की एक इंटरैक्टिव विधि वाला नया लॉन्‍च हुआ फीचर बच्‍चों को एक मजेदार और रोचक तरीके से शब्‍द पढ़ने और उच्‍चारित करने की समर्थता देगा। जिस इंडस्‍ट्री में बच्‍चों के लिये ऑनलाइन पढ़ाई मुख्‍य रूप से परीक्षा की तैयारी पर केन्द्रित है, ऑकीपॉकी भाषा को सीखने के लिये महत्‍वपूर्ण प्रोग्राम दे रहा है, ताकि बच्‍चे अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ बनाकर लंबे समय तक सफलता पाएं। स्‍टूडेंट्स को पढ़ने के वक्‍त रियल-टाइम फीडबैक देने वाले एक एआई-बेस्‍ड प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल कर ऑकीपॉकी सुनिश्चित करता है कि पढ़ाई दिलचस्‍प हो और आदत में आ जाए।

लॉन्‍च के मौके पर ऑकीपॉकी के फाउंडर और सीईओ अमित अग्रवाल ने कहा, “बच्‍चों के वैश्विक अवसरों से बाहर होने का सबसे बड़ा कारण अंग्रेजी है। सही तरीके से पढ़ना अंग्रेजी भाषा की कुशलताओं का आधार है। ऑकीपॉकी में हम टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कर अंग्रेजी को सभी की पहुँच में लाने का काम कर रहे हैं, जो कि भारत की शिक्षा प्रणाली के लिये लंबे समय से एक चुनौती रहा है। नया रास्‍ता खोलने वाले फोनेटिक्‍स सेल्‍फ लर्न फीचर को जोड़कर हम मातृभाषा के स्‍टूडेंट्स की अक्षरों और ध्‍वनियों को समझने की योग्‍यता विकसित कर सकेंगे, जो कि नई शब्‍दावली सीखने के लिये एक जरूरी कुशलता है। अंग्रेजी भाषा में निपुण होने में बच्‍चों की सहायता के लिये हम ऐसे और भी फीचर्स लॉन्‍च करेंगे।”

ऑकीपॉकी के विषय में

ऑकीपॉकी की स्‍थापना साल 2017 में छोटे शहरों के उन बच्‍चों के पेरेंट्स को लक्षित करने के लिये हुई थी, जो अंग्रेजी बोलने में चुनौतियों का सामना करते हैं। इस खोजपरक स्‍टार्ट-अप की संस्‍थापना यूट्यूब इंडिया के भूतपूर्व प्रमुख और आईआईएम बैंगलोर के भूतपूर्व छात्र अमित अग्रवाल ने की थी। उन्‍होंने ‘भारत’ के लिये कमी को दूर करने का फैसला लिया और इसके लिये भविष्‍य की पीढ़ियों के लिये ऐसे मंच पर एक बेहतर आधार निर्मित किया, जहाँ यह सचमुच मायने रखता है। ऑकीपॉकी- द ऑक्‍टोपस, चन्‍नापटना टॉय के थीम पर आधारित है, जो स्‍क्रीन्‍स के पीछे एआई/एनएलपी का इस्‍तेमाल कर अंग्रेजी भाषा सीखने की जरूरतों में बच्‍चों की सहायता करता है। दूसरे वीडियो एप्‍स से विपरीत ऑकीपॉकी फीडबैक देता है और बच्‍चों को आवाज, वीडियो तथा मातृभाषा के साथ शुरूआती वर्षों की शब्‍दावली में निपुण बनाता है। ऑकीपॉकी एक सिद्धांत पर चलता है कि “वे कुशलताएं, जो मायने रखती हैं’’। अपनी इस फिलोसॉफी के साथ वह अंग्रेजी में कुशलताओं के अलावा रचनात्‍मकता और तार्किकता विकसित करने में बच्‍चों की सहायता करता है। इन कक्षाओं को ऑकीपॉकी के अत्‍यंत कुशल और उद्योग-अग्रणी शिक्षक चलाते हैं, जिन्‍हें पढ़ाने की डिजिटल प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया जाता है।

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