Thursday, Oct 06, 2022
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आमिर खान जन्मदिन विशेष: आइए सुपरस्टार के 7 उल्लेखनीय ऑन-स्क्रीन किरदारों पर डालते है एक नज़र!

  • Updated on 3/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि आमिर ने अपने दशकों लंबे फिल्मी सफ़र में कई शानदार फ़िल्म और किरदारों के साथ प्रशंसकों का मनोरंजन किया है। 

चाहे वह गजनी हो, पीके हो या उन्हें बॉलीवुड का मंगल पांडे कहो, मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने कई किरदारों को जीवंत किया है। लगभग 58 से अधिक फिल्मों की फिल्मोग्राफी के साथ, अभिनेता ने एक रोमांटिक हीरो से एक परफेक्शनिस्ट का सफ़र तय किया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि 30 साल के लंबे करियर के साथ, आमिर ने खुद को एक अजेय और बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली हीरो में से एक के रूप में स्थापित किया है। 56 वर्षीय आमिर खान को ऑन-स्क्रीन देखना अपने आप में एक खुशी देता है और चूंकि आज अभिनेता अपना जन्मदिन मना रहे हैं, आइए हम अभिनेता की कुछ आइकोनिक परफॉर्मेंस पर एक नजर डालते हैं। 

संजू- जो जीता वोही सिकन्दर:
आमिर इस फ़िल्म में एक बॉय-नेक्स्ट-डोर का किरदार निभा रहे हैं, जिसने अपने पूरे जीवन में कुछ भी नहीं किया है - एक लापरवाह नौजवान जो खुद में ही रहता है और अपने पिता के साथ हमेशा परेशानी में रहता है।  चीजें तब करवट लेती हैं जब भाग्य उसे उसके लिए चीजें बदलने का मौका देता है। वह जल्द ही टॉप पर पहुँच जाता है और अपने लिए एक जगह बना लेता है। 

महावीर सिंह फोगाट- दंगल:
महावीर सिंह फोगट की बायोपिक पर आधारित, आमिर ने एक वास्तविक जीवन के पहलवान की भूमिका निभाई है, जिन्होंने अपनी बेटियों को भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने के लिए प्रशिक्षित किया है। अभिनेता की परफॉर्मेंस वास्तव में बेहद प्रभावशाली थी जिसे दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किया गया था। फिल्म सभी को सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रेरित करती है और जीवन में किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करती है। 

रेंचो- 3 इडियट्स:
जबकि फिल्म में हर किरदार अपने तरीके से अनोखा और महत्वपूर्ण था, लेकिन ’रैंचो’ ने सबसे अधिक सहस्राब्दी को प्रेरित किया था। सकारात्मकता फैलाने वाला किरदार और सफलता पाने के लिए जुनून का पालन करने पर जोर देने के प्रति प्रोत्साहित करते हुए - रैंचो ने हमारे दिलों के भीतर एक अलग स्थान बना लिया है। साथ ही, एक सदाबहार वाक्यांश 'ऑल इज वेल' एक व्यक्ति को आशा में विश्वास करने और हर स्थिति में हमेशा शांति बनाये रखने के लिए के लिए प्रेरित करता है। "कामयाब होने के लिए नहीं, काबिल होने के लिए पढ़ो... ... कामयाबी झक मार के पीछे आएगी ..." इस डायलॉग ने वास्तव में हमें एक आत्मविश्वास दिया है। 

भुवन- लगान:
फिल्म की कहानी में आमिर के यकीन और उनके निर्देशक ने अपना जादू चला दिया है। गाँव की क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने वाले एक किसान के उनके चित्रण को दर्शकों ने खूब सरहाया है। साल 2001 में, 'लगान' उनके करियर की सबसे सफल फिल्मों में से एक बनकर उभरी थी। 

पीके- पीके: 
'पीके' के साथ, आमिर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह एक बहुमुखी अभिनेता हैं। उन्होंने पृथ्वी पर लैंड हुए एक मासूम एलियन का किरदार चित्रित किया जो अपना कम्युनिकेशन डिवाइस खो देता है। अपने प्रदर्शन के साथ अंध धार्मिक विश्वासों और उसे प्यार करने की तुलना में ईश्वर से डरने की प्रणाली पर सवाल उठाते हुए, अभिनेता ने इस फिल्म के साथ समाज में बदलाव लाने की दिशा में काम किया है। 

राम शंकर- तारे ज़मीन पर:
आज तक, इस फिल्म का सभी के दिल में एक विशेष स्थान है। डिस्लेक्सिया जैसे डिसऑर्डर को सामान्य करने से ले कर 'हर बच्चा स्पेशल होता है' का एक महत्वपूर्ण संदेश देने तक, आमिर ने बदलाव लाने के लिए इस विषय पर बहुत ध्यान दिया है। वह एक ऐसे आर्ट शिक्षक का किरदार निभाते है जो एक 8 वर्षीय लड़के को अपने संघर्षों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते है। 

संजय सिंघानिया- गजनी:
मुंबई की पृष्ठभूमि में स्थापित, गजनी एक व्यापारी की कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक हिंसक मुठभेड़ के बाद एंट्रोग्रेड एमनेसिया (एक्यूट शार्ट-टर्म मेमोरी लॉस) विकसित कर लेता है, जहां उनकी प्रेमिका को मार दिया गया था। वह अपने शरीर पर तस्वीरों और परमानेंट टैटू की मदद से गैंगस्टर द्वारा की गई हत्या का बदला लेने की कोशिश करता है। आमिर ने परफेक्शन के साथ इस किरदार को न्याय दिया है।

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