Sunday, May 22, 2022
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सलमान खान के बैनर तले बनी 'नोटबुक' देखने जा रहे हैं, तो पहले पढ़ें ये Review

  • Updated on 3/29/2019
  • Author : Jyotsna Rawat

स्टारकास्ट:  जहीर इकबाल,प्रनूतन बहल

डायरेक्टरः  नितिन कक्कड़

रेटिंग: 2 स्टार 

नई दिल्ली/ ज्योत्सना रावत। प्रनूतन बहल (Pranutan Bahl) और जहीर इकबाल (Zaheer Iqbal) दो नए चेहरे सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan)के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म ‘नोटबुक’ से बॉलीवुड डेब्यू कर रहे हैं। जहां प्रनूतन बॉलीवुड लीजेंड नूतन (Nutan) की पोती और मोहनीश बहल (Mohnish Bahl) की बेटी हैं, वहीं दूसरी तरफ जहीर, सलमान के दोस्त के बेटे हैं।

बॉलीवुड में डेब्यू करने से पहले प्रनूतन ने वकालत की पढ़ाई की है, वहीं जहीर इकबाल रियल एस्टेट में सक्सेसफुल करियर बना चुके हैं। एक्टिंग में हाथ आजमाने से पहले जहीर ने एक प्रीमियम बिल्डिंग के लिए बतौर बिल्डर भी काम किया है। इतना ही नहीं, वह बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम कर चुके हैं।

यह फिल्म कश्मीर की बड़ी समस्या जो बहुत पहले से चली आ रही है उस पर बनीं है। यह समस्या ये है कि वहां बच्चों और नौजवानों को जबरदस्ती बन्दूक उठाने पर मजबूर करते हैं। इस मुद्दे को फिल्म नोटबुक में दिखाया है।

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में 'नोटबुक' की शूटिंग हुई है औऱ फिल्म में बहुत सुंदर-सुदंर दृश्य हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि ये खूबसूरत दृश्य ही फिल्म की जान है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बहुत अच्छी है। जबकि फिल्म के डायलॉग ज्यादा अच्छे नहीं हैं। 

कहानी

'नोटबुक' दो टीचर कबीर (जहीर इकबाल) और फिरदौस (प्रनूतन बहल) की कहानी है। ये दोनों ही कश्मीर की एक झील के बीच बने वूलर पब्लिक स्कूल में पढ़ाते है, लेकिन अलग- अलग समय में। इस स्कूल में केवल 7 बच्चे पढ़ते हैं। इस स्कूल के आस-पास बिजली, मोबाइल के नेटवर्क कुछ नहीं है। टीचर से पहले कबीर आर्मी में होता है, लेकिन एक ऐसी घटना घटती है कि वो खुद आर्मी को छोड़ देता है और टीचर बन जाता है। टीचर बनकर वो वूलर स्कूल में ही पढ़ाता है। जब वो यहां पर पढ़ाना शुरु करता है, तो इस दौरान उसे यहां पहले रही एक टीचर फिरदौस की नोटबुक मिलती है। इस नोटबुक में फिरदौस ने अपनी जिंदगी से जुड़ा सबकुछ लिखा होता है। इस नोटबुक को पढ़कर कबीर को फिरदौस से प्यार हो जाता है, जबकि कबीर ने फिरदौस को कभी देखा भी नहीं। बाद में ऐसा ही कुछ फिरदौस के साथ होता है। अब ये जानने के लिए कि कबीर और फिरदौस एक दूसरे के होते हैं या नहीं, आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

 

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