Thursday, Aug 11, 2022
-->

कपूर खानदान के अगले स्टार की फिल्म 'कैदी बैंड' का पढ़ें Review

  • Updated on 8/25/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। फिल्म में संजू (आदर जैन) और बिंदू (आन्या सिंह) जेल के उन कैदियों में से हैं जो कस्टडी में रहकर अपनी सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

एक अच्छा वकील न होने और अदालत की कार्यवाही के लिए पैसे न होने के कारण वो जेल में ही सजा काट रहे होते हैं। इनमें से कुछ कैदियों को संयोगवश संगीत में शांती मिलने लगती है। 5 कैदी मिलकर जेल में 15 अगस्त के कार्यक्रम के लिए एक बैंड तैयार करते हैं। वो देशभर में लोकप्रिय हो जाते हैं।

नवाज के हैं फैन तो 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' देखने से पहले पढ़ें ये Review

देशभर के लोग उनके गाने के दिवाने हो जाते हैं। उनकी लोकप्रियता के कारण लोग एक अभियान चलाते हैं जिसमें उनकी रिहाई की मांग की जाती है।

निर्देशक हबीब फैसल संगीत के जरिए एक सामाजिक मुद्दे को उजागर करना चाहते हैं। वो उन कैदियों की दुर्दशा को दिखा रहे हैं जो अपनी सुनवाई के इंतजार में जेल में बंद हैं। उनका विचार अच्छा है और एक ऐसे विषय को उठाता है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता। फिल्म के गाने अच्छे हैं और कहानी में मजबूती बढ़ाते हैं।

वरुण ने दिलाई सलमान की याद, 'जुड़वा 2' का पहला गाना 'टन टना टन' हुआ रिलीज

लेकिन कमी रही फिल्म की अवास्तविकता के कारण। दर्शक पात्रों या उनकी स्थिति के लिए महसूस नहीं कर पाएंगे। फिल्म में एक और अफसोस की बात रही वो थी डेब्यू आदर जैन का कमजोर अभिनय। हालांकि वो कैमरे पर कॉन्फिडेंट दिखे लेकिन ऐसा लगता है कि वो अपने भाई रणबीर कपूर की तरह दिखने और अभिनय करने की कोशिश कर रहे हैं।

डेब्यू अभिनेत्री आन्या सिंह मजबूत रहीं। उनका अभिनय भी फिल्म में अच्छा रहा। सचिन पिलागांवकर फिल्म में स्वार्थी वार्डन के रूप में प्रभावी रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.