Tuesday, Apr 07, 2020
Akshay Kumar starrer film mission mangal movie review in hindi

बच्चों को प्रेरित करने के साथ-साथ बड़ों को उनके सपने याद दिलाती है 'मिशन मंगल'

  • Updated on 8/15/2019
  • Author : Alka Jaiswal

फिल्म -  मिशन मंगल/Mission Mangal
निर्देशक - जगन शक्ति
स्टारकास्ट - अक्षय कुमार, विद्या बालन, सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी, शरमन जोशी, नित्या मेनन
रेटिंग - 3.5 (***1/2) / 5

नई दिल्ली/अल्का जायसवाल। कहते हैं 'सपने वो नहीं होते जो हमें नींद में आते हैं बल्कि सपने वो होते हैं जो हमें नींद नहीं आने देते'। एक ऐसा ही सुनहरा सपना भारत ने 5 नवंबर 2013 को पूरा किया भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 'मंगलयान मिशन' के जरिए जब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV सी-25 के द्वारा मंगल ग्रह की परिक्रमा करने के लिए एक उपग्रह छोड़ा गया। ये वो ऐतिहासिक पल था जब भारत मिशन मंगल को पहली ही कोशिश में पूरा करने वाला पहला देश बन गया।

उसी ऐतिहासिक और गौरवमयी पल को बड़े ही रोचक और सिंपल तरीके से पर्दे पर उतारने के लिए आज फिल्म 'मिशन मंगल' सभी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की खास बात ये है कि इसमें ना सिर्फ उस सुनहरे पल को दिखाया गया है बल्कि उस सपने को सच करने वाली वैज्ञानिकों की टीम के संघर्ष को भी बखूबी पर्दे पर उतारा गया है। ये फिल्म ना सिर्फ बच्चों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करती है बल्कि बड़ों को भी उनके सपने याद दिलाती है। अगर आप इस फिल्म को देखने जा रहे हैं तो पहले पढ़ें ये रिव्यू (Movie Review)।

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उम्दा 'कहानी' (Story of Mission Mangal)
फिल्म शुरू होती है साल 2010 में हुए इसरो वैज्ञानिक राकेश धवन (अक्षय कुमार) और तारा शिंदे (विद्या बालन) एक सैटेलाइट लॉन्च के मिशन से जो तारा की एक गलती के कारण असफल हो जाता है। मिशन असफल होने की सारी जिम्मेदारी राकेश खुद ले लेता है जिसके कारण उसे असंभव माने जाने वाले मंगल मिशन में स्थानांतरित कर दिया जाता है। जहां एक तरफ राकेश इस मिशन का नामुमकिन मान चुका होता है वहीं एक नए आइडिया के साथ उसके पास आती है तारा। काफी मुश्किलों के बाद दोनों को इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति तो मिल जाती है लेकिन यहां से इनका संघर्ष खत्म नहीं बल्कि शुरू होता है। 

राकेश और तारा अपनी टीम के लिए कुछ चुनिंदा सीनियर वैज्ञानिकों का चयन करते हैं लेकिन उन्हें इन सीनियर वैज्ञानिकों के जूनियर टीम के तौर पर दे दिए जाते हैं। राकेश और तारा की टीम तो तैयार हो जाती है लेकिन इनमें से कोई भी इस मिशन का हिस्सा नहीं रहना चाहता। इसके साथ ही एक और समस्या सामने आती है वो है बजट की। ना ही संस्थान और ना ही सरकार, दोनों में से कोई भी इस प्रोजेक्ट पर पैसा नहीं लगाना चाहता। अब ऐसे हालात में राकेश और तारा क्या करते हैं और ये मिशन कैसे कामयाब होता है ये तो आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।

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काबिले-तारीफ 'एक्टिंग' (Acting)
एक्टिंग की बात करें तो हमेशा की तरह अक्षय (Akshay Kumar) और विद्या (Vidya Balan) दोनों ने ही अपनी परफॉर्मेंस से एक बार फिर से लोगों का दिल जीत लिया है। जहां एक तरफ अक्षय एक वैज्ञानिक के रोल में बिल्कुल फिट बैठ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ विद्या ने फिर एक बार साबित कर दिया है कि इस तरह का किरदार उनके बेहतर कोई नहीं निभा सकता है। इसके साथ ही साउथ की फिल्मों में काम कर चुकीं नित्या मेनन (Nithya Menen) ने इस फिल्म से बॉलीवुड (Bollywood) में अपना दमदार डेब्यू (Debut) किया है। इसके साथ-साथ सोनाक्षी (Sonakshi Sinha), कीर्ति (Kirti Kulhari) और शरमन जोशी (Sharman Joshi)  ने भी अपना किरदार पूरी ईमानदारी से निभाया है।

एंटरटेनिंग 'डायरेक्शन' (Direction)
जगन शक्ति (Jagan Shakti) ने इस फिल्म के जरिए बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया है। उन्होंने फिल्म का डायरेक्शन बहुत ही रोचक अंदाज में किया है जो ऑडियंस को बांधे रखता है। साइंस पर बेस्ड मूवी को होम साइंस के जरिए समझाकर उसे लोगों को लिए आसान बनाने में जगन कामयाब हुए हैं। रियल लाइफ स्टोरी में सिनेमैटिक लिबर्टी लेते हुए जगन ने फिल्म को काफी एंटरटेनिंग बनाया है। हालांकि फिल्म में सिनेमैटिक लिबर्टी लेते हुए कुछ ऐसे सीन भी दिखाए गए हैं तो थोड़े अजीब लगते हैं।

शानदार 'म्यूजिक' और दमदार 'डायलॉग' (Music and Dialogue)
हालांकि फिल्म में बहुत ज्यादा गाने नहीं है लेकिन फिल्म का शानदार बैकग्राउंड स्कोर कहानी को और भी प्रभावशाली बना देता है। डायलॉग की बात करें तो फिल्म में कुछ पंच बहुत ही अच्छे दिए गए हैं।

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क्या है खास
1. ये फिल्म बच्चोें के साथ-साथ बड़ों को भी इमोशनली खुद से जोड़ने में कामयाब होती है।

2. रॉकेट साइंस को बहुत ही सिंपल तरीके से समझाती है ये फिल्म।

3. फिल्म की कहानी काफी इंस्पाइरिंग है।

4. टेक्नोलॉजी समझाने के साथ-साथ फिल्म आपको एंटरटेन भी करती है।

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