Friday, Jan 28, 2022
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amitabh epic reply to one of his fan asking about gulabo sitabo digital release sosnnt

जब फैन ने कहा 'छोटी स्क्रीन पर कैसे होंगे फिट पाएंगे आप', तब अभिताभ ने मारा यह मजेदार डायलॉग

  • Updated on 6/12/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज 12 जून को अमेजॉन प्राइम पर अमिताभ बच्चन (Amitabh bachchan) और आयुष्मान खुराना (Ayushmann khurrana) स्टारर फिल्म 'गुलाबो सिताबो' (Gulabo Sitabo) को रिलीज किया गया है। वहीं फिल्म को लेकर दर्शकों की तरफ से मिलेजुले रिस्पॉन्स आ रहे हैं। फिल्म को शूजित सरकार (Soojit Sircar) ने डायरेक्ट किया है। यह पहली बार है कि जब सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की कोई फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई है।

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फैन के इस सवाल का बिग बी ने दिया मजेदार जवाब
ऐसे में अब बिग बी से उनके किसी एक फैन इस बात को लेकर उनसे एक सवाल पूछा है जिसका अमिताभ ने मजेदार जवाब दिया।जी हां, हाल ही में ट्विटर पर एक यूजर ने बिग बी को टैग करते लिखा कि 'आप कैस अमेजॉन प्राइम वीडियो के छोटे स्क्रीन पर फिट बेठै पाएंगे? आपको बड़े स्क्रीन की जरूरत है।' 

इसके जवाब में अमिताभ ने गुलाबो सिताबो का डायलॉग मारते हुए कहा कि 'घर में नहीं दाने, अम्मा चलीं भुनाने।' वहीं अमिताभ बच्चन को यूं ही नहीं सदी को महानायक कहा जाता है। वे जिस भी किरदार को निभाते हैं, बड़ी आसानी से खुद को उसमें ठाल लेते हैं। मिर्जा के किरदार को भी उन्होंने बखुबी निभाया।

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बता दें कि फिल्म में अमिताभ एक 78 साल बुजुर्ग मुस्लिम शख्स का किरदार निभा रहे हैं जोकि बेहद झगड़ालू और कंजूस स्वभाव का होता है। वहीं कहानी मिर्जा के इर्द-गिर्द ही घूमती हुई नजर आ रही है जो अपनी सालों पुरानी हवेली से बेइंतहा प्यार करता है जिसका नाम फातिमा महल है। दिलचस्प बात बता दें कि हवेली के प्रती मिर्जा का प्यार सिर्फ और सिर्फ पैसों की वजह से है। वे पैसों के लिए हवेली की पुरानी चीजों को चोरी से बेचता रहता है। वहीं हवेली मिर्जा की बीवी फातिमा की पुश्तैनी जायदाद होती है जिसे वह जल्द से जल्द अपने नाम करवाना चाहते हैं। यही वजह है कि वह खुद से 17 साल बड़ी फातिमा के मरने का भी बेसब्री से इंतजार करता है। 

वहीं इस हवेली में कई किराएदार रहते हैं जिनमें से एक बांके नाम का एक लड़का अपनी मां और तीन बहनों के साथ रहता है, जिसे मिर्जा बिल्कुल पसंद नहीं करता। ऐसा इसलिए क्योंकि बांके न तो किराया देता है और न ही वहां से जाता है।बांके हमेशा यह बोलकर किराया नहीं देता है कि वह एक गरीब लड़का है जो फैमिली की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ है। वहीं मिर्जा चाहता है कि या तो बंके किराया दे या फिर हवेली छोड़ कर चला जाए, लेकिन बांके टस से मस नहीं होता है। ऐसे में दोनों आपस में पूरे समय लड़ते-भिड़ते रहते हैं जोकि देखने में काफी मजेदार लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ बांके की गर्लफ्रेंड शादी करने के लिए उसपर लगातार दवाब बना रही होती है।

कहानी में ट्वीस्ट तब आता है जब मिर्जा इस पुशतैनी हवेली को बेचने के लिए एक बिल्डर खोज लेता है। वहीं दूसरी तरफ बांके एलआईजी फ्लैट के लालच में आर्कियोलॉजी विभाग के एक अधिकारी से मिलकर इसे पुरातत्व विभाग को सौंपने की योजना बना लेता है। मगर, बेगम का एक दांव इन दोनों की योजनाओं पर पानी फेर देता है और दोनों को ही हवेली से निकलना पड़ता है।

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