Sunday, Feb 05, 2023
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Anubhav Sinha''s many shed light on many issues of North East

अनुभव सिन्हा की 'अनेक' ने डाली नॉर्थ ईस्ट के कई मुद्दों पर रोशनी

  • Updated on 5/31/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुछ फिल्में ऐसी हैं जो बिजनेस के परपस से पूरी तरह से खरी उतरती है और कुछ ऐसी हैं जो लार्जर परपस को सर्व करने के लिए बनी होती है। अनुभव सिन्हा की अनेक भी उन कुछ फिल्मों में से एक हैं जो एक मकसद के साथ बनाई गई है और पूरे देश को एक खास मैसेज देती है। पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को सोशल मीडिया पर कुछ हद तक ध्रुवीकरण करने वाली प्रतिक्रियाएं मिली हैं, लेकिन दूसरी तरफ फिल्म सफलतापूर्वक दर्शकों को शिक्षित करने में कामयाब रही जो उत्तर पूर्व के मुद्दों से बेखबर हैं। अनेक एक भारतीय के रूप में किसी की पहचान का विषय है और इसके कई अर्थों में गहराई से उतरता है।

ऐसे में देश और दुनिया के सिनेप्रेमी और कई इंटेलेक्चुअल लोग फिल्म बनाने के लिए अनुभव सिन्हा की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं। पूर्वोत्तर की अशांति को उजागर करने वाली पहली मुख्यधारा की फिल्म होने के नाते, फिल्म को समावेशिता के विषय के साथ लिफाफे को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया गया है। अपने सब्जेक्ट पर खरा उतरते हुए, फिल्म के ज्यादातर मेन एक्टर इस क्षेत्र से हैं।

ट्रेड एनालिस्ट लगभग 18 से 20 करोड़ के लाइफटाइन बिजनेस को देख रहे हैं, जो इसे एक सुरक्षित स्पेस में रखता है क्योंकि फिल्म एक सही बजट पर स्मार्ट तरीके से बनाई गई है।

अनेक एक ऐसी फिल्म है जिसे बातचीत शुरू करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और फिल्म ने यह सफलतापूर्वक हासिल भी करती है। फिल्म क्षेत्र के कई मुद्दों पर रोशनी डालती है - जैसे कि मेनस्ट्रीम से अलग-थलग महसूस करना, क्षेत्र की पॉलिटिकल इग्नोरेंस। एंड्रिया केविचुसा का किरदार, जो इस क्षेत्र की एक मुक्केबाज है, इस बात पर भी रोशनी डालती है कि कैसे इस क्षेत्र के शानदार खिलाड़ियों के लिए सीमित अवसर और पहुंच है। इस क्षेत्र को पहली बार मेनस्ट्रीम की बॉलीवुड फिल्म में सामने और केंद्र में रखा गया है और यह स्वयं इस सब्जेक्ट पर और अधिक बातचीत का मार्ग प्रशस्त करता है। अनेक की जीत लोगों को सोचने पर मजबूर करने की इसकी क्षमता है।


बता दें, आर्टिकल 15 के बाद फिर से अनुभव सिन्हा और आयुष्मान खुराना की कोशिश एक मजबूत मुद्दे को संबोधित करने की थी और इस बार इस जोड़ी ने पूर्वोत्तर में सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों पर रोशनी डाली है, जिसके लिए दोनों खूब सराहना की गई है।

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