death anniversary news of jagjit singh

जगजीत सिंह पुण्यतिथि: घर-घर जाकर ऐसे कमाते थे पैसे, बेटे की मौत ने कर दी थी ऐसी हालत

  • Updated on 10/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गजल की दुनिया के बादशाह जगजीत सिंह (jagjit singh) की आज पुण्यतिथि है। भले ही आज वो हमारे बीच नहीं हैं पर उनकी आवाज आज भी हमारे दिलों पर राज करती है। 10 अक्टबूर 2011 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में ब्रेन हैमरेज के कारण उनका निधन हो गया था। बता दें मौत से पहले वो दो हफ्तों से भी ज्यादा समय तक कोमा में रहे थे। जगजीत को बचपन से ही संगीत के प्रति रुचि थी। 

लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने वाले जगजीत सिंह ने पूरी दुनिया में संगीत की लौ जलाई। उनके गीतों और गजलों ने सबके दिलों पर ऐसा जादू बिखेरा की उन्हें गजल सम्राट कहा जाने लगा। जगजीत सिंह तो अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनकी आवाज आज भी बेहद सुकून देती है।

जब चित्रा से शादी करने के लिए जगजीत ने मांगी उनके पहले पति से इजाजत

आपको एक खास बात बताते हैं जब जगजीत मुंबई में नए-नए आए थे, तब उनके पास रहने और खाने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में वह अपना घर चलाने के लिए शादियों में अपनी परफॉर्मेंस देते थे। 

वहीं जगजीत सिंह के बेटे विवेक सिंह की साल 1990 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। ये जगजीत की जिंदगी का बहुत कठिन समय था। वो इस बात को सुनकर सदमे में भी चले गए थे। बता दें वह इस हादसे से उभर भी नहीं पाए थे। 

वहीं जगजीत की पत्नी चित्रा सिंह का भी काफी नाम हैं। वह भी अपनी गजलों के लिए काफी जानी जाती हैं। लोग आज भी दगजीत की मधुर आवाज सुनने के लिए तरसते हैं। लोग जब उनकी आवाज सुनते हैं तो बेहद खुश हो जाते हैं।आइए जगजीत सिंह की पुण्यतिथि पर उनकी प्यारी और मधुर आवाज से रुबरु कराते हैं।

-होठों से छू लो तुम,मेरा गीत अमर कर दो

-मुस्कुरा कर मिला करो हमसे

-वो कागज की कश्ती

-तेरा चेहरा है आईने जैसा

-चिट्ठी ना कोई संदेश, जाने वो कौनसा देश जहां तुम चले गए

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