Monday, Oct 22, 2018

पुण्यतिथि: एक ही मां के दो बेटे, एक ने लिया जन्म तो दूसरे ने कहा दुनिया को अलविदा

  • Updated on 10/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किशोर कुमार एक ऐसा नाम है जिसकी परिभाषा का कोई अंत नहीं है। फिर भी हम सीमित शब्दों में बताए तो वे एक्टर, सिंगर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, म्यूजिक डायरेक्टर और सबसे बढ़कर एक कमाल के व्यक्ति थे।किशोर ने फिल्म इंडस्ट्री को ऐसे सुपरहिट गानें दिए जिन्हें आज भी लोगों ने दिलों में बसाया हुआ है। किशोर कुमार ने अपनी आवाज से कई स्टार्स को सुपरस्टार बनाया। 

- दुर्भाग्य की बात है कि अशोक का आज जन्मदिन है और उनके भाई किशोर कुमार की पुण्यतिथि भी है। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 1987 को उनकी मृत्यु हुई थी।

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- किशोर कुमार ने कभी भी गाने की कोई ट्रेनिंग नहीं ली, तब भी वे इंडस्ट्री के टॉप सिंगर्स में गिने जाते हैं। 

- किशोर के बडे़ भाई अशोक कुमार ने एक इंटरव्यू में एक खुलासा करते हुए बताया था कि बचपन में किशोर की आवाज फटे बांस जैसी थी, लेकिन एक बार उनका पांव सब्जी काटने वाली दराती से कट गया था। डॉक्टरों ने उंगली का तो इलाज कर दिया लेकिन किशोर का दर्द नहीं गया। वो कई दिनों तक दर्द के कारण जोर-जोर चिल्लाते रहते थे। इस घटना की वजह से उनका ऐसा रियाज हुआ कि उनकी आवाज ही बदल गई। किशोर की यह नई आवाज उस हादसे की देन थी। 

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- किशोर ने अपने फिल्मी करिअर में 600 से भी अधिक हिंदी फिल्मों के लिए अपना स्वर दिया। इसके अलावा उन्होंने बंगला, मराठी, असामी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी और उडिया फिल्मों में भी अपनी दिलकश आवाज के जरिये श्रोताओं को भाव विभोर किया।

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- किशोर कुमार ने कई अभिनेताओं को अपनी आवाज दी, लेकिन कुछ मौकों पर मोहम्मद रफी ने उनके लिए गीत गाए थे। दिलचस्प बात यह है कि मोहम्मद रफी, किशोर कुमार के लिए गाए गीतों के बदले सिर्फ एक रुपया पारिश्रमिक लिया करते थे।

- वर्ष 1987 मे किशोर कुमार ने निर्णय किया कि वह फिल्मों से संन्यास लेने के बाद वापस अपने गांव खंडवा लौट जाएंगे। वह अक्सर कहा करते थे कि दूध, जलेबी खाएंगे खंडवा में बस जाएंगे, लेकिन उनका यह सपना अधूरा ही रह गया। 13 अक्तूबर 1987 को किशोर कुमार को दिल का दौरा पड़ा और वह इस दुनिया से विदा हो गए।

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