Friday, Dec 02, 2022
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B'day Spl: एक दिन में 28 गाने गा कर रिकॉर्ड बना चुके हैं कुमार सानू

  • Updated on 10/19/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड के दिग्गज गायक कुमार सानू (Kumar sanu) के गाने आज भी उतने ही जवां हैं जितने पहले हुआ करते थे। आज भी जब उनके गाने सुनते हैं, तो दिल मदहोश हो ही जाता है। इसके अलावा कुमार सानू खुद इतने फिट हैं कि वे 62 की उम्र में 40 के लगते हैं। आज कुमार सानू का जन्मदिन है। 

कुमार सानू के B'day पर सुनें उनके ये मदहोश कर देने वाले Songs

स्टेज से अपने करियर की शुरूआत करने वाले कुमार सानू का असली नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है इनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को कोलकाता में हुआ। उनके पिता पशुपति भट्टाचार्य वादक और संगीतकार थे। कुमार सानू का झुकाव शुरु से ही संगीत की तरफ था।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Coming soon in a few Days... Movie - Khalli Balli @kumarsanuofficial

A post shared by KUMAR SANU (@singer_kumar_sanu) on Sep 23, 2019 at 5:08am PDT

अस्सी के दशक में बतौर पार्श्वगायक बनने का सपना लेकर वह मुंबई आ गए। मुंबई आने के बाद उनको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कुमार सानू की किस्मत साल 1990 में फिल्म 'आशिकी' से चमकी। बेहतरीन संगीत से सजी इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ हीरो राहुल राय, गीतकार समीर और संगीतकार नदीम-श्रवण को शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया बल्कि पार्श्वगायक कुमार शानू को फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान दिला दी।

इसके अलावा वो बंगाली और अन्य भाषाओं में 14 हजार से ज्यादा गाने गा चुके हैं और एक दिन में 28 गाने गा कर रिकॉर्ड बना चुके हैं।

कुमार सानू ने सुनाया एक मजेदार किस्सा
अपने एक इंटरव्यू के दौरान कुमार सानू ने इस बात का खुलास किया था। उन्होंने बताया कि उनके स्ट्रगलिंग के वक्त वो किस तरह अपना गुजारा किया करते थे। अपने जीवन का ये बेहद ही दिलचस्प किस्सा कुमार सानू ने फैंस के साथ शेयर किया। इस अनुभव के बारे में बात करते हुए कुमार सानू ने बताया, 'मैं जब गाना गाया करता था उसके शुरुआती दिनों में कुछ माफिया गैंग ने मुझे रेलवे ट्रैक पर गाना गाने के लिए फोर्स किया। उनके साथ वहां और भी कई लोग रहते थे। मैं उनके सामने डर-डर के गाना गाता था। इसी के साथ वो लोग मुझसे डांस भी करवाते थे'। जहां मैं डर-डर के उनके सामने परफॉर्म किया करता था वहीं मुझे ये भी डर लगा रहता था कि उन्हें मेरी परफॉर्मेंस पसंद आ जाए। किस्मत से उन्हें मेरी परफॉर्मेंस पसंद आती थी। 

पिता ने मारा था थप्पड़
सानू ने आगे कहा, 'मेरे गुंडों के सामने गाना गाने की बात जब मेरे पिता को पता लगी तो उन्होंने मुझे एक जोरदार तमाचा जड़ दिया। मेरे पिता थोड़े पुराने ख्यालातों के हैं इस लिए मेरा इस तरह गाना उन्हें खास पसंद नहीं आया'।

'उस समय मेरे पिता ने मुझे समझाया कि इस तरह से किसी गुंडे के सामने गाना गाना सही बात नहीं है और न ही ये सही तरीका है अपने हुनर को किसी के सामने रखने का'।

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