B'day Special: जावेद अख्तर का असली नाम था 'जादू', पढ़ें दिलचस्प किस्सा

  • Updated on 1/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जावेद अख्तर का जिक्र होते ही सबसे पहले मन में प्यार और सम्मान की भावना उजागर होने लगती है। जावेद साहब को साल 1999 में पद्म श्री और 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ग्वालियर में जन्में जावेद आज अपना 74 वां जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद अख्तर का असली नाम जादू है। जादू नाम की उनके पिता की कविता थी, यही उनका नाम भी पड़ा गया था। जावेद नाम जादू से मिलता-जुलता था, इसलिए उनका नाम जावेद अख्तर कर दिया।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

#javedakhtar #javedakhtarpoetry #farhanakhtar

A post shared by Anonymous stories (@linesfromanonymous) on Oct 8, 2018 at 11:42am PDT

जावेद के पिता जान निसार अख्तर एक मशहूर कवि और मां सफिया अख्तर फेमस उर्दू और शिक्षिका थीं। जावेद में अपने मां बाप दोनों के गुण आए। जावेद ने फिल्मों के लिए गाने ही नहीं बल्कि कई हिट फिल्मों की कहानी भी लिखी है। जिनमें से सुपरहिट 'शोले' भी है। उनकी जोड़ी सलमान के पिता और मशहूर लेखक सलीम खान के साथ थी, जो सलीम - जावेद के नाम से मशहूर थी। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

جینا مشکل ہے کہ آسان ذرا دیکھ تو لو لوگ لگتے ہیں پریشان ذرا دیکھ تو لو پھر مقرر کوئی سرگرم سر منبر ہے کس کے ہے قتل کا سامان ذرا دیکھ تو لو یہ نیا شہر تو ہے خوب بسایا تم نے کیوں پرانا ہوا ویران ذرا دیکھ تو لو ان چراغوں کے تلے ایسے اندھیرے کیوں ہے تم بھی رہ جاؤ گے حیران ذرا دیکھ تو لو تم یہ کہتے ہو کہ میں غیر ہوں پھر بھی شاید نکل آئے کوئی پہچان ذرا دیکھ تو لو یہ ستائش کی تمنا یہ صلے کی پرواہ کہاں لائے ہیں یہ ارمان ذرا دیکھ تو لو #جاویداختر #javedakhtar #javedakhtarpoetry

A post shared by Asim Sheikh (@masim.sheikh84) on Jan 9, 2019 at 12:21pm PST

सलीम - जावेद की जोड़ी ने साल 1971 से 1982 तक करीबन 24 फिल्मों में साथ किया जिनमे 'सीता और गीता', 'शोले', 'हाथी मेरा साथी', 'यादों की बारात', 'दीवार' जैसी फिल्मे शामिल हैं। उनकी 24 फिल्मों में से लगभग 20 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लाकबस्टर रहीं।

जावेद अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत 'सरहदी लूटेरा' से की थी। उन्हें पांच बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार, पटकथा लेखक और गीतकार के तौर पर एक दर्जन से ज्यादा फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें उनकी कविता संग्रह 'लावा' के लिए उर्दू का साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Shabana Azmi (@azmishabana18) on Sep 29, 2018 at 5:45pm PDT

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Chalo Dildaar Chalo Chaand Ke Paar Chalo...

A post shared by Shabana Azmi (@azmishabana18) on Nov 30, 2018 at 2:59pm PST

आपको बता दें कि जावेद अख्तर और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी भी पटकथा लेखक थीं। खास बात ये है कि हनी ईरानी का जन्मदिन भी आज ही के दिन 17 जनवरी को होता है। तलाक के बाद भी जावेद अख्तर और हनी ईरानी के बीच अच्छे संबन्ध हैं। आज भी जावेद और शबाना आजमी के घर कोई पार्टी होती है, तो ईरानी को जरूर बुलाया जाता है। जावेद अख्तर ने साल 1984 में एक्ट्रेस शबाना आजमी से दूसरी शादी की थी।

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