Tuesday, Dec 07, 2021
-->
national award winner music composer vanraj bhatia does not have money

तंगहाली में गुजर रहा पद्मश्री से सम्मानित वनराज भाटिया का जीवन, बेचना पड़ रहा घर का कीमती सामान

  • Updated on 9/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड इंडस्ट्री में जबतक कलाकारों के पास दौलत और शोहरत रहती है तबतक वे राज करते हैं। लेकिन धीरे-धीरे जब शोहरत कम होने लगती है, तो वे गुमनामी में कहा खो जाते हैं पता ही नहीं चलता। बॉलीवुड के कई ऐसे बड़े कलाकारो के नाम सामने आते रहते है, जो अब बेहाली में जिदंगी गुजार रहे हैं। 

vanraj bhatia

हाल ही में मशहूर संगीत निर्देशक (veteran musician) वनराज भाटिया (vanraj bhatia) का नाम सामने आया है। वनराज भाटिया काफी बड़ी हस्ती रहे हैं, लेकिन अब वे बदहाल जिंदगी गुजार रहे हैं। खबरों के अनुसार भाटिया के दोस्तों और जानकारों ने उनके मेडिकल खर्च के लिए चंदा देना शुरू कर दिया है। जिस घर में वनराज रह रहे हैं उसकी देखरेख भी डोनेशन के पैसे से हो रही है। हालांकि जितना पैसा उन्हें मिल रहा है वह उनके लिए बहुत कम है।

लंदन से कर चुकें हैं क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग
31 साल पहले उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है इसके अलावा 2012 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है। बता दें कि 1989 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित भाटिया ने लंदन में स्थित रॉयल एकेडमी ऑफ म्यूजिक से वेस्टर्न क्लासिकल म्युजिक की शिक्षा ली थी।

vanraj bhatia

अकाउंट में नहीं हैं एक भी पैसे 
92 साल के वनराज का स्वास्थ सही नहीं रहता और उनके बैंक अकाउंट में एक भी पैसा नहीं है। वनराज ने श्याम बेनेगल की कई फिल्मों में काम किया है। जिनमें अंकुर, भूमिका और टीवी सीरीज यात्रा और भारत की खोज शामिल है। वनराज ने शादी नहीं की थी। उनकी एक बहन है, जो कनाडा में रहती है। मुंबई में भी उनके कुछ रिश्तेदार हैं, जो छोटी-मोटी आर्थिक मदद कर देते हैं। 

नौकर के सार रहकर कर रहे गुजारा

घर में काम करने वाली नौकर ही उनका अकेला सहारा है। सुजीत कुमारी नाम की एक नौकरानी उनका ख्याल रख रही है। अब हालात ये हैं कि वे अपने घर की कीमती क्रॉकरी और कुछ अन्य सामान बेचकर गुजारा करने पर मजबूर हैं।

vanraj bhatia

इस वजह से उनकी खराब सेहत के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है । कभी पड़ोसी तो कभी किसी मददगार की बदौलत वह अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

comments

.
.
.
.
.