Wednesday, Oct 16, 2019
new letter slams sedition case against celebrities naseeruddin shah and historian romila

49 सेलेब्स पर देशद्रोह का केस दर्ज तो 180 हस्तियों ने लिखा खत, कहा- हम नहीं रहेंगे चुप

  • Updated on 10/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुछ दिन पहले ही ये खबरें आ रही थीं कि मॉब लिंचिक के खिलाफ पीएम मोदी (Pm modi) को पत्र लिखने वाले 49 सेलेब्स के खिलाफ मोदी सरकार ने एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं अब इस पर 180 हस्तियां सामने आई हैं। बता दें अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (naseeruddin shah) और इतिहासकार रोमिला थापर (romila) समेत कई अभिनेतओं  ने पीएम नरेंद्र मोदी को तीन महीने पहले खत लिखा था। 

पीएम मोदी को पत्र लिखने वाले 49 celebs पर केंद्र सरकार ने नहीं कराई एफआईआर दर्ज...

इन हस्तियां ने ये सवाल किया था कि प्रधानमंत्री को खत लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है। वहीं अब खत में ऐसा कहा गया है, 'हमारे 49 सहयोगियों के खिलाफ केवल इसलिए एफआईआर दर्ज की गई है क्योंकि उन्होंने हमारे देश में मॉब लिंचिंग पर चिंता व्यक्त की और अपना कार्य याद कराया है। 

इन सभी हस्तियों ने उठाई थी आवाज 
इन सभी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लेटर लिखा है जिसमें उन्होंने भीड़ द्वारा हत्याओं के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इस लेटर में मणिरत्नम (maniratnam), अदूर गोपालकृष्ण (adur gopalkrishan), रामचंद्र गुहा (Ramchandra guha), अनुराग कश्यप (Anurag kashyap) और बाकी तमाम बड़ी हस्तियों के हस्ताक्षर थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा लेटर 
अपने लेटर में इन सभी ने पीएम मोदी से मॉब लिंचिंग पर कड़े कदम उठाने की मांग की और साथ ही देश में एक ऐसा माहौल बनाने की मांग की, जहां असहमति को कुचला न जाए। इस लेटर में लिखा कि देश का ,संविधान हिंदुस्तान को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है जहां जाति, धर्म, लिंग, समूह के सभी लोगों को बराबर का अधिकार है। 

मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को पत्र लिखने वाले 49 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

लेटर में मॉब लिंचिंग का किया जिक्र 
उनका कहना था कि मुसलमानों, दलितों और दूसरे धर्म के लोगों की लिंचिंग तुरंत रोकी जाए। लेटर में इन सभी ने नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों की भी पेशकश रखी। उन्होंने कहा 1 जनवरी 2009 से लेकर 29 अक्टूबर 2018 के बीच धर्म की पहचान पर आधारित 254 अपराध दर्ज  किए गए, एस दौरान 91 लोगों की हत्या हुई और 579 लोग घायल हुए। साथ ही उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत अपराध मई 2014 के बाद हुए थे, जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आए थे।

इन सभी हस्तियों का कहना है कि पीएम मोदी ने संसद में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर आलोचना की थी लेकिन आलोचना करना ही काफी नहीं है। उनकी मांग है जुर्म करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाया जाए। जिससे दोषियों को सजा का डर रहेगा और इस तरह की दिल दहला देने वाली घटनाए भारत में कभी नहीं होंगी।

 

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