Friday, Nov 27, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 27

Last Updated: Fri Nov 27 2020 04:13 PM

corona virus

Total Cases

9,311,281

Recovered

8,718,469

Deaths

135,770

  • INDIA9,311,281
  • MAHARASTRA1,795,959
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA878,055
  • TAMIL NADU768,340
  • KERALA578,364
  • NEW DELHI551,262
  • UTTAR PRADESH533,355
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA315,271
  • TELANGANA263,526
  • RAJASTHAN240,676
  • BIHAR230,247
  • CHHATTISGARH221,688
  • HARYANA215,021
  • ASSAM211,427
  • GUJARAT201,949
  • MADHYA PRADESH188,018
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB145,667
  • JHARKHAND104,940
  • JAMMU & KASHMIR104,715
  • UTTARAKHAND70,790
  • GOA45,389
  • PUDUCHERRY36,000
  • HIMACHAL PRADESH33,700
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,691
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,647
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,312
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
om-puri-birthday-special-lesser-know-facts

B'day Spl: अक्सर घर से भागकर किसी ट्रेन में सोने चले जाते थे ओम पुरी, पढ़ें कुछ दिलचस्प किस्से

  • Updated on 10/17/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ओमपुरी का नाम उन अभिनेताओं में शुमार है, जो किसी भी तरह की किरदार में जान डाल देते थे। चाहे वो कॉमेडी सीन हो या इमोशनल हर किरदार में ढ़ल जाना उनकी खूबी थी। आज यानि की 18 अक्टूबर को उनका जन्मदिन है। 6 जनवरी 2017 में वे अचानक से दुनिया को अलविदा कह गए थे। आइए इस मौके पर हम आपको उनकी ऐसी दिलचस्प बातें बताते हैं, जिन्हें शायद आप नहीं जानते होंगे- 

ट्रेन से लगाव

ओम पुरी ने ऐसे दिन भी देखे थे जब वे कोयला बीन-बीन कर पेट भरते थे। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें एक ढाबें में नौकरी तक करनी पड़ी थी। वहां से चोरी का आरोप लगाकर उन्हें हटा दिया था। बचपन में ओम पुरी जिस मकान में रहते थे उससे पीछे एक रेलेवे यार्ड था। रात के समय ओम पुरी अकसर घर से भागकर किसी ट्रेन में सोने चले जाते थे। उन दिनों उन्हें ट्रेन से काफी लगाव था और वह सोंचा करते कि बड़े होने पर वह रेलवे ड्राइवर बनेंगे। 

कुछ समय के बाद ओम पुरी अपने ननिहाल पटियाला चले गए। जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद ओम पुरी ने खालसा कॉलेज में दाखिला ले लिया। इस दौरान ओमपुरी कॉलेज में हो रहे नाटकों में हिस्सा लेते रहे। यहां उनकी मुलाकात हरपाल और नीना तिवाना से हुई जिनके सहयोग से वह पंजाब कला मंच नामक नाट्य संस्था से जुड गए।

Navodayatimes14 साल की उम्र में सेक्स

14 साल की उम्र में ओम पुरी ने नौकरानी के साथ सेक्स किया था। खबरों के अनुसार पहली बार जब नौकरानी ने ओमपुरी को छुआ तो उसके जेहन में हलचल सी मची गई, क्योंकि उससे पहले किसी और महिला ने ओमपुर को इस तरह नहीं छुआ था। इसके बाद से ही ओमपुरी के जेहन में उस 55 साल की नौकरानी के लिए प्यार उमड़ने लगा। बता दें की ओम पुरी ने अपनी छोटी मामी को छेड़ने की भी कोशिश की थी। जिसके बाद ओम को बेघर कर दिया गया था।

महान अभिनेता

एक्टिंग के मामले में ओमपुरी से कोई जीत नहीं सकता था। 

दो शादियां 

ओम पुरी का पहला विवाह सीमा कपूर से हुआ था, जो उनकी बचपन की मित्र थीं। सीमा के दो बड़े भाई, रंजीत कपूर और अन्नू कपूर भी अभिनेता हैं। जाने-माने पत्रकार स्वर्गीय आलोक तोमर ने इनकी अनोखी शादी पर एक बहुत अच्छा लेख भी लिखा था। लेकिन कुछ सालों के बाद ही दोनों अलग हो गए। बाद में ओम पुरी का विवाह कलकत्ता की पत्रकार नंदिता से हुआ। नंदिता ओम पुरी का इंटरव्यू करने आई थीं। वहीं से दोनों में मित्रता हुई और विवाह हो गया।

Navodayatimesबायोग्राफी ने दिया झटका

नंदिता से विवाह के वक्त ओम पुरी लगभग 48 साल के और नंदिता 26 साल की थीं। दोनों का एक बेटा भी है-ईशान। कुछ साल पहले नंदिता ने ओम पुरी की जीवनी लिखी ‘अनलाइकली हीरो: दि स्टोरी ऑफ ओम पुरी’। इसमें उन्होंने ओम पुरी के जीवन के कुछ ऐसे प्रसंगों का उल्लेख भी किया, जो उन्हें पसंद नहीं आए। 

कुछ समय बाद नंदिता ओर ओमपुरी के रिश्तों में कड़वाहट आ गई। ओम पुरी फिर से अपनी पहली पत्नी सीमा कपूर के पास वापस चले गए। उन्होंने कहा भी कि अब वह अतीत की गलतियां नहीं दोहराना चाहते और हमेशा सीमा के साथ  ही रहना चाहते हैं। सीमा के साथ रहकर ही उन्हें सुकून मिलता है। कहा जाता है कि नंदिता की लिखी किताब के झटके से ओम पुरी कभी नहीं उबरे। 

जानवरों से भी था प्यार

ओम पुरी को सड़क पर रह रहे जानवरों की स्थति देखकर बहुत दया आती थी। वह मानते थे कि इन बेजुबानों का कोई नहीं। इनके दुखों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। अपने घर के सामने की सड़क पर रहने वाले एक सफेद रंग के पपी को उन्होंने पाला भी था और उसका नाम मोती रखा था। 

Navodayatimesहॉलीवुड फिल्में

ओम पुरी हिंदी फिल्मों की उन गिने-चुने अभिनेताओं की सूची में शामिल हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘वुल्फ’, ‘द घोस्ट’, ‘सिटी ऑफ ज्वॉय’ और ‘डार्कनेस’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में भी उन्होंने अपने उम्दा अभिनय की छाप छोड़ी है।

अवार्डस

1981 में फिल्म ‘आक्रोश’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 1982 में फिल्म ‘आरोहण’ (Arohan) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया और 1948 में भी उन्हें फिल्म ‘अर्ध सत्य’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.