Wednesday, Jan 27, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 27

Last Updated: Wed Jan 27 2021 10:40 AM

corona virus

Total Cases

10,690,279

Recovered

10,358,328

Deaths

153,751

  • INDIA10,690,279
  • MAHARASTRA2,009,106
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA936,051
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU834,740
  • NEW DELHI633,924
  • UTTAR PRADESH598,713
  • WEST BENGAL568,103
  • ODISHA334,300
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN316,485
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH296,326
  • TELANGANA293,056
  • HARYANA267,203
  • BIHAR259,766
  • GUJARAT258,687
  • MADHYA PRADESH253,114
  • ASSAM216,976
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB171,930
  • JAMMU & KASHMIR123,946
  • UTTARAKHAND95,640
  • HIMACHAL PRADESH57,210
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM6,068
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,993
  • MIZORAM4,351
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,377
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
parashakti-a-new-initiative-started-for-women-of-film-and-tv-industry

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की महिलाओं के लिए शुरू हुई ये नई पहल

  • Updated on 4/27/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सामाजिक कार्यकर्ता रेशमा एच सिंह द्वारा इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है, जिसका नाम है पराशक्ति। इस पहल का उद्देश्य सभी महिलाओं के जीवन में बदलाव लाना है, खासकर फिल्म और टीवी उद्योग के असुरक्षित सेगमेंट में।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, नेशनलिस्ट लीडर इंद्रेश कुमार ने कहा 'ड्रग्स शरीर को तोड़ते हैं लेकिन हमें महिलाओं के साथ भेदभाव करने और उनका वस्तुकरण करने के ड्रग्स पर भी चर्चा करने की ज़रूरत है जो मन को नशे की ओर ले जाते हैं।' अपने प्रेरणात्मक भाषण में, उन्होंने न केवल महिलाओं, बल्कि सभी पुरुषों को एक साथ आने और औरतों के साथ अन्याय और शोषण के विरुद्ध लड़ने का आग्रह किया।

श्रद्धा कपूर ने खूबसूरत पोस्ट के साथ इंस्टाग्राम पर किया प्रभास का स्वागत

Navodayatimes

सुनाई जाएगी आपकी आवाज : रेशमा एच सिंह
इस कार्यक्रम में बोलते हुए रेशमा एच सिंह ने कहा, 'यदि आप कोई दर्द झेल रही एक महिला हैं, अगर आप पीड़ित हैं, यदि आप कमजोर और भेदभाव महसूस करती हैं, तो पराशक्ति वह मंच  है जहां आपकी आवाज सुनी जाएगी, आपके साथ न्याय होगा।'

महिलाओं को एक मजबूत स्टैंड लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, 'सभी प्रकार के अन्याय का सामना आपको सबसे पहले खुद करना होगा - क्योंकि आपके अंदर वह शक्ति है, चाहे आप इसे जानती हों या नहीं। एक स्त्री के माध्यम से सभी प्रकार की जीवन ऊर्जा और सृष्टि का प्रवाह होता है। आप इस ब्रह्मांड को भरने वाले शक्ति हैं।'

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मिशन शक्ति की प्रस्तुति थी, जो भारत का ए-सैट कार्यक्रम है, जिसके प्रोजेक्ट डायरेक्टर और डीआरडीओ के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ वाई श्रीनिवास राव हैं। उन्होंने सीमाओं और अंतरिक्ष की रक्षा करने और दुनिया के लिए हमारी क्षमताओं का प्रदर्शन करने की तात्कालिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम हमेशा से एक वैज्ञानिक सभ्यता रहे हैं और आज हम फिर से दुनिया में उस परम स्थान को हासिल करने की राह पर हैं। मिशन शक्ति केवल शुरुआत है। यह भारत की जागृत महिला भावना की तरह है।

सुष्मिता सेन ने 16 साल छोटे ब्वॉयफ्रेंड से कर ली सगाई, Pics वायरल

कठिनाई भरी रहा ये सफर : डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी
आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, एक आध्यात्मिक लीडर होने के अलावा, एलजीबीटीक्यू समुदाय और उनके अधिकारों के लिए एक प्रमुख आवाज रही हैं। उन्होंने कहा कि अब तक की यात्रा कठिन रही है और मुश्किलों से लड़ी गई है, इसलिए मैं पूरे दिल से पराशक्ति का स्वागत करती हूं, जो एक ऐसे सशक्त मंच के रूप में है, जो उन्हें शक्ति प्रदान कर रहा है जिन्हें हम कमजोर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के रूप में देखते हैं और जो लोग समाज में परछाइयों में विलुप्त रहे हैं। 

Navodayatimes

हमारी क्षमता का परीक्षण थी इस मिशन की शुरुआत : राकेश उपाध्याय
अतिथि वक्ता प्रो राकेश उपाध्याय (बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय ) ने कहा कि पराशक्ति की प्रेरणा मिशन शक्ति से मिली है, जिसका उद्देश्य न सिर्फ हमारी क्षमताओं का परीक्षण करना था जो कि हमारे अंतरिक्ष में घुसपैठ करने वाली किसी चीज़ को भी नीचे गिराना है, जो उन लोगों के लिए भी एक सूक्ष्म चेतावनी है जो शायद ऐसा करने का सोच भी सकते हैं। यदि हम 300 किमी दूर एक संभावित खतरे को नष्ट कर सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से किसी भी चीज से करीब से निपट सकते हैं।

पराशक्ति की कल्पना से महत्वपूर्ण बात यह थी कि एक महिला को जब लड़ना होगा तो लड़ना ही चाहिए। हमारे पास प्रतिशोध लेने के लिए जो ज्ञान है, वह काफी सुकून देने वाला है। अपने स्पेस को परिभाषित करना और सीमाओं को बनाए रखना हमेशा महिलाओं के साथ एक मुद्दा रहा है। शिकारियों के लिए सीमाओं को पार करना आसान हो गया है क्योंकि इन सीमाओं को दृढ़ता से परिभाषित नहीं किया गया है और हमारी प्रतिक्रिया में, प्रतिशोध और प्रतिकार की भावना की तुलना में निराशा भाव अधिक हैं।

लोगों से भरे ऑडिटोरियम में, प्रसिद्ध लेखक-निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप ने इस कार्यक्रम को संचालित किया और मेहमानों के सवाल लिए, जिसमें फिल्म और टीवी उद्योग के मॉडल, अभिनेता, तकनीशियन शामिल थे। उन्होंने विशेष रूप से इंडस्ट्री में पुरुषों के बीच जहरीली मर्दानगी में बड़े पैमाने पर तेजी से हो रही वृद्धि पर प्रकाश डाला।

शादी से कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुईं प्रियंका चोपड़ा की होने वाली भाभी

Navodayatimes

इस तरह से हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन करते हुए श्रीमती रेशमा एच सिंह ने कहा कि फिल्म और टेलीविजन उद्योग सहज और निर्मल ह्रदय वाले कलाकारों, तकनीशियनों और पेर्फोर्मेर्स से भरा हुआ है। ऐसा समझा जाता है की जो कलाकार है उसे आसानी से शोषित किया जा सकता है। लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि हम ऐसा होने देते हैं। असली शक्ति हमारे साथ है और हम एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, अपने अनुभवों को साझा करके और एक-दूसरे को मजबूत करके मजबूत बन सकते हैं।

हम में से अधिकांश को यह भी पता नहीं है कि क्या हम लड़ सकते हैं...या हमें लड़ना चाहिए। सच तो यह है कि हर किसी के जीवन में एक समय आता है जब उन्हें सीखना चाहिए कि हम उस सम्मान, गरिमा, अवसर या पहचान के लिए कैसे लड़ें।

हमें शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्पेस की सीमाओं की पहचान करने की आवश्यकता है जब बात महिलाओं की आती है तो हद पार कर दी जाती है। जो कुछ भी हो सकता है, उसकी भयावह अनुभूति स्वयं एक बोझ है और हमें समाज के रूप में महिलाओं को इससे छुटकारा दिलाने की आवश्यकता है। और यह पिता के ऊपर भी है कि वे अपनी बेटियों को खुद के लिए खड़े होने का विश्वास दिलाएं।

 इस कार्यक्रम की रचना में कैप्टेन संजय पराशर एवं विनायक काले वरिष्ठ समाज सेवक का उल्लेखनीय योगदान रहा। डॉ. वाई श्रीनिवास राव और डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने नवभारत फाउंडेशन की ओर से इस समारोह में प्रख्यात फोटोग्राफर और सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण तलान को सम्मानित किया, जो वर्षों से राष्ट्रीय सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण को लेकर असाधारण काम करते आ रहे हैं।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.