Tuesday, Nov 30, 2021
-->
pavitra-rishta-director-kushal-zaveri-on-sushant-me-too-momemnt-sosnnt

सुशांत पर लगे मीटू आरोपों पर बोले यह मशहूर डायरेक्टर- उसे पता था कौन फंसा रहा है...

  • Updated on 8/8/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश उम्मीद लगाए बैठा है। इस मामले को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच अब मशहूर धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ के निर्देशकों में से एक कुशल जावेरी ने भी कुछ ऐसी बातों का खुसाला किया है जिसके जोकि वाकई में हैरान परेशान कर देने वाली है। उन्होंने उस दौरान की बात बताई है जब सुशांत खुद पर लगे मीटू आरोप को लेकर परेशान चल रहे थे। 

सुशांत को इंसाफ दिलाने के लिए देश हुआ एकजुट, #Warriors4SSR कैंपेन की हुई शुरुआत

सुशांत पर लगे मीटू आरोपों पर बोले कुशल जावेरी
बात दें कि या किस्सा साल 2018 का है जब वह अपनी फिल्मी दिल बेचारा की शूटिंग कर रहे थे। उस दौरान खबर यह आई थी कि सुशांत संजना को न्यू कमर के नाते बहुत चीजें समझाते हैं लेकिन उसके चक्कर में वह काफी ओवर फ्रेंडली हो रहे थे। जिसकी वहज से संजना को अच्छा नहीं लगा और फिल्म की शूटिंग को रोकना पड़ा।

वहीं अब इस पूरे मामले को कुशल जावेरी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए शेयर किया है। उन्होंने लिका कि “मैं जुलाई 2018 से फरवरी 2019 तक सुशांत के साथ रहा। 2018 के अक्टूबर में हैशटैगमीटू मूवमेंट के दौरान मैंने उन्हें सबसे अधिक बिखरा हुआ पाया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के निशाना बनाया जा रहा था। हमने संजना संघी से संपर्क करने की पूरी कोशिश की लेकिन शायद वह उस वक्त अमेरिका में थीं और किसी भी प्रकार की टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं। 

सुशांत सिंह राजपूत मामले में बिहार पुलिस ने CBI को सौंपी केस डायरी

सुशांत को पता था कि उन्हें किसके द्वारा फंसाया जा रहा है, लेकिन सबूत न होने की वजह से वह कॉल नहीं कर सके। मुझे याद है कि सुशांत चार रात तक सो नहीं पाए थे। उन्हें इन आरोपों पर बात करने के लिए संजना का इंतजार रहता था। अंत में उसने 5वें दिन संजना से सारी बातें साफ कर दीं और यह एक बड़ी लड़ाई के बाद मिली जीत की तरह लग रहा था।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.