Tuesday, Nov 30, 2021
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Film Review: एक्शन के दीवानों के लिए जबरदस्त पंच है ‘सत्यमेव जयते 2’

  • Updated on 11/26/2021

फिल्म: सत्यमेव जयते 2
एक्टर: जॉन अब्राहम, दिव्या खोसला कुमार, अनूप सोनी, गौतमी कपूर, जाकिर हुसैन
डायरेक्टर: मिलाप जावेरी
रेटिंग : 3.5 / 5

ज्योत्सना रावत। ‘सत्यमेव जयते 2’ एक हार्डकोर एक्शन फिल्म है। एक्शन हीरो के रूप में जॉन अब्राहम ने बिल्कुल निराश नहीं किया है। फिल्म 80 के दशक के सिनेमा को ट्रिब्यूट है। फिल्म में एक्शन की बात करें तो जॉन अब्राहम हाथों से मोटरसाइकिल उठाते हुए, एसयूवी के इंजन को दो हिस्सों में फाड़ते हुए और धरती पर मुक्के से दरार डालते हुए नजर आ रहे हैं। एक्शन के दीवानों के लिए इस फिल्म में जबरदस्त पंच है।

यदि आपको मास मसाला फिल्म पसंद हैं और आप 80 के दशक की फिल्मों का फील लेना चाहते हैं तो आपको ‘सत्यमेव जयते 2’ जरूर देखनी चाहिए। फिल्म में एक्शन, ड्रामा, इमोशन सबकुछ है। 

डारेक्टर मिलाप जावेरी ने फिल्म कई मुद्दों शामिल करने की कोशशि की है। फिल्म में किसानों की आत्महत्या, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, लोकपाल बिल और निर्भया कांड जैसे मुद्दों को दिखाया गया है। इसके साथ ही आज के समय में सोशल मीडिया और मीडिया के बारे में भी बात की गई है। साथ ही धार्मिक सदभावना भी दिखाई गई है।

कहानी
फिल्म में जॉन अब्राहम के 3 किरदार हैं। सत्य बलराम आजाद (john abrahm) विधान सभा में एंटी-करप्शन बिल पास करवाने की कोशिश करता है। लेकिन जब वह देखता है कि यह सीधी उंगली से घी नहीं निकल रहा तो वह रात में निकल कर भ्रष्टाचारियों को मारता है। इन्हीं की पत्नी के किरदार में दिव्या खोसला कुमार (divya khosla kumar) हैं। इस हत्यारे को पकड़ने का जिम्मा पुलिस ऑफिसर जय बलराम आजाद (जॉन अब्राहम) को दिया जाता है जो कि सत्य का भाई है। खास बात ये है कि ये दोनों भाई मिले होते हैं।

इन दोनों के पिता दादा साहेब बलराम आजाद (जॉन अब्राहम) किसानों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे होते हैं और इसी लड़ाई में उनकी हत्या कर दी जाती है। तभी से उनकी पत्नी कोमा में है।

हल्के फुल्के मसाले के साथ ऐसे ही फिल्म चलती रहती है। इसी बीच हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख धर्म पर आधारित कई सीन आते हैं साथ ही बलात्कार, नारी शक्ति, देशभक्ति जैसी बातों पर भी फोकस किया गया है।

एक्टिंग

एक्टिंग की बात करें तो जॉन पर ही यह फिल्म टिकी है। उनका इसमें ट्रिपल रोल है और उन्होंने ठीक- ठाक काम किया है। वहीं दिव्या खोसला कुमार ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है।

डायरेक्शन

मिलाप जवेरी का डायरेक्शन ठीक-ठीक है। सिनेमाटोग्राफी ठीक है। फिल्म के गाने भी अच्छा मनोरंजन करते हैं। कुल मिलाकर फिल्म देखने लायक है।

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