Monday, May 23, 2022
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shooter chandro tomar died with covid 19 in meerut he is suffering form corona jsrwnt

'शूटर दादी' चंद्रो तोमर का निधन, मेरठ के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था कोरोना का इलाज

  • Updated on 4/30/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इंटरनेशनल शूटर दादी चंद्रो तोमर का कोरोना के कारण निधन हो गया है। मेरठ के आनंद अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली। शूटर दादी पर हाल ही में  'सांड की आंख' (Saand Ki Aankh) फिल्म भी बनाई गई थी, जो कि काफी मशहूर भी हुई थी।

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दादी चंद्रो तोमर यूपी के बागपत जिले में गांव जोहड़ी की रहने वाली थी। 6 बच्चों और 15 पोते-पोती वाली ये दादी रिवाल्वर चलाने में माहिर हैं। इन्होंने शूटिंग में 25 नेशनल चैंपयिनशिप जीतें हैं। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की जोहरी गांव की रहने वाली इस दादी को 'शूटर दादी' भी कहा जाता है। ये दुनिया की सबसे ज्यादा उम्र की शूटर हैं। इस उम्र में भी वह बिल्कुल सटीक निशाना लगाती हैं। पहली बार चंद्रों ने निशानेबाजी की प्रेक्टिस 65 साल की उम्र में शुरू की थी। इन्होंने ये साबित किया कि कुछ नया करने के लिए उम्र नहीं देखी जाती। दरअसल, साल 2001 में चंद्रों अपनी पोती को गांव की ही शूटिंग रेंज में शूटिंग सिखाने जाती थी। एक दिन पोती ने कहा कि दादी आप भी निशाना लगा कर देखो। चंद्रों ने 2-3 निशाने एक दम सही लगाए। जब राइफल क्लब के कोच ने दादी को यू शूटिंग करते देखा तो वह दंग रह गए। इसके बाद उन्होंने शूटर दादी को शूटर बनने की ट्रेनिंग दी। 

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सटीक निशाने लगाने के बाद दादी ने निशानेबाजी में ध्यान देना शुरू किया। देखते ही देखते उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया और साथ ही कई पदक भी जीते। 

इसी बीच शूटर दादी को समाज के कई तानें भी सुनने पड़े। गांव वाले उनका मजाक उड़ाते थे और कहते थे कि बुढ़िया इस उम्र मे कारगिल जाएगी क्या? लेकिन उन्होंने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। आज सारी दुनिया उनके इस फैसले की नतीजा देख रही है। उनका लक्ष्य हमेशा शूटिंग ही रहा है। वह 25 मी. तक का निशाना लगा चुकी हैं। 

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