Thursday, Sep 23, 2021
-->
sonu sood has come to for help of 50 girls jsrwnt

लॉकडाउन में बेरोजगारी से परेशान 50 लड़कियों की सोनू सूद इस तरह करेंगे मदद

  • Updated on 10/6/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पूरे कोरोना काल में सबके लिए फरिश्ते बने सोनू सूद (Sonu Sood) वैसे तो आए दिन कुछ न कुछ करके सुर्खियों में छाए रहते हैं। अब सोनू सूद ने झारखंड के गांव की 50 लड़कियों की मदद करने को कहा है।

चारों ओर है बेरोजगारी की समस्या
गौरतलब है कि देश में लॉकडाउन की वजह से बेरोजगारी की समस्या चारों तरफ है। इसी परेशानी के झारखंड के गांव की 50 लड़कियों की नौकरी चली गई। इन्हीं में से एक लड़की ने सोशल मीडिया पर सोनू सूद से मदद मांगी। Sonamuni Raj नाम के ट्विटर हैंडल पर सोनू सूद से मदद मांगते हुए लिखा, 'हम झारखंड के धनबाद जिले के रहने वाले हैं, कोरोना के चलते हमारी और गांव की 50 लड़कियो की नौकरी चली गई और अब हम सब बेरोजगार बैठे है। हमें नौकरी की बहुत जरूरत है हमारी मदद करें। आप ही हमारी आखिरी उम्मीद हैं।

संगीत की दुनिया में उतरने जा रहा भारत का K2 समूह

सोनू सूद ने की सबकी मदद
सोनू तो सबकी मदद के लिए आगे रहते हैं तो इस पर उन्होंने जवाब में लिखा- धनबाद की हमारी 50 बहनें एक सप्ताह के अंददर कोई अच्छी नौकरी कर रहीं होंगी...यह मेरा वादा है।' बस फिर क्या था सोशल मीडिया पर सोनू का यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। चारों तरफ उनकी तारीफें हो रहीं हैं। 

अस्पताल से सामने आई संजय दत्त की यह Latest तस्वीर, बाबा की हालत देख हैरान हुए फैंस

सोनू सूद को बनाया ब्रांड एंबेसडर
बता दें कि चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा शिक्षा, प्रवेश और प्रशिक्षण सेवाओं के क्षेत्र में भारत के प्रमुख शिक्षा सलाहकारों और प्रशिक्षण संगठनों में से आईएसएम एडुटेक का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। आईएसएम एडुटेक छात्रों को अध्ययन और सीखने के लिए सुरक्षित वातावरण की सुविधा के साथ शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और इसे वह पूरा भी करता है। इसी सोच और उद्देश्य के तहत आईएसएम एडुटेक ने सोनू सूद में एक आदर्श ब्रांड एंबेसडर पाया है, क्योंकि दया, सहानुभूति और तमाम मानवीय अच्छाइयों का जीवंत अवतार हैं सोनू सूद।

यूएन से मिल चुका है अवॉर्ड
हाल ही में सोनू सूद को यूनाइटेड नेशंस डिवेलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की तरफ से स्पेशल ह्यूमनटेरियन ऐक्शन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।

comments

.
.
.
.
.