Tuesday, Sep 28, 2021
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sonu sood has filed intervention in bombay high court says pil is affecting him aljwnt

सोनू सूद ने बॉम्‍बे HC से कहा- मैंने व्‍यापार के लिए नहीं खरीदी दवाइयां, बताया अपना पूरा प्रोसेस

  • Updated on 6/30/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना काल में सोनू लोगों के लिए मसीहा बन चुके हैं। लोगों की मदद करने की हर मुमकिन कोशिश करके जहां एक तरफ सोनू सूद लोगों के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ अपनी इस दरियादिली के लिए उन्हें आरोप-प्रत्यारोप का भी सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में सोनू सूद पर रेमडेसिविर के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि अभिनेता से जब सोशल मीडिया पर मदद मांगी गई तो उन्होंने गलत तरीके से रेमडेसिविर और Tocilizumab इंजेक्‍शन्‍स बांटे। वहीं अब सोनू सूद ने इस केम को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में इंटरवेंशन (हस्तक्षेप) फाइल किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि नीलेश नखवाल द्वारा फाइल की गई पीआईएल के कारण वो और उनका काम प्रभावित हो रहा है। इस मामले में उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस ने उन्हें सुनने का फैसला लिया।

शुरू से ही कर रहा हूं परोपकारी काम : सोनू सूद
सोनू सूद ने कोर्ट से कहा है कि कोरोना की शुरुआत से वो जरूरतमंदों के लिए परोपकारी काम कर रहे हैं। उन्होंने जुहू में स्थित अपने होटल को डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स के रहने के लिए फ्री में उपलब्ध कराया। इसके साथ ही लॉकडाउन के दौरान उन्होंने हर 45 दिनों में खाना उपलब्ध कराया। इसके साथ ही उन्होंने अपने खर्चे पर राज्‍य सरकारों और अथॉरिटीज से 20 हजार से ज्‍यादा प्रवासियों को फ्री ट्रांसपॉर्ट उपलब्‍ध कराकर उनके घर भिजवाया।

लोगों ने सराहा उनका काम, किया गया सम्मानित
सोनू सूद ने कहा कि महामारी के दौरान उनके द्वारा की मदद को पूरी दुनिया में सराहा गया है। इतना ही नहीं, उन्हें उनके कामों के लिए यूनाइटेड नेशन्‍स डिवेलपमेंट प्रोग्राम के द्वारा प्रतिष्ठित एसडीजी स्‍पेशल ह्यूमैनिटेरियन ऐक्‍शन अवॉर्ड से सम्‍मानित भी किया गया।'

कोऑर्डिनेशन की कमी दवा मिलने में हो रही परेशानी
सोनू सूद ने कहा, अप्रैल, 2021 में जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में दस्तक दी तो हर कोई लाइफसेविंग दवाइयों के लिए भागने लगा, परेशान होने लगा। उस हालात को देखकर मुझे समझ आया कि जरूरतमंद मरीजों को कोऑर्डिनेशन की कमी की वजह से दवाइयां नहीं मिल पा रहीं हैं जिसकी वजह से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। तब मैंने लिया कि मैं उनकी मदद करूंगा और उस जगह से संपर्क करूंगा जहां से ये दवाइयां उपलब्ध कराई जा सके जिससे कि जरूरतमंद को सीधे वहां से दवाइयां मिल जाए।

सोनू सूद ने समझाया अपना प्रॉसेस
कोर्ट को सोनू सूद ने अपना प्रोसेस समझाते हुए बताया कि उनके द्वारा किया जा रहा काम दो स्‍टेज वाला प्रॉसेस है। पहले स्टेज में मरीजों से उनका आधार कार्ड, कोविड रिपोर्ट, डॉक्‍टर के प्रिस्‍क्रिप्‍शन जैसे डॉक्‍यूमेंट्स देने की रिक्‍वेस्‍ट की जाती है जिससे कि हॉस्‍पिटल से संपर्क करके उनका वेरिफिकेशन किया जा सके। जब सारा वेरिफिकेशन हो जाता है और हम सही दवा को लेकर संतुष्‍ट हो जाते हैं तब दूसरा स्टेज शुरू होता है जिसमें हम अपने चैनल्‍स के जरिए बताई गई दवा की उपलब्‍धता लोकेशन के आधार पर ढूंढने की कोशिश करते हैं।'

सभी आरोपों को सोनू सूद ने बताया झूठा और निराधार
सोनू सूद ने ऐप्लिकेशन में अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कभी भी व्‍यापार के लिए दवाइयां नहीं खरीदीं। उन्होंने सिर्फ जरूरतमंद मरीजों को दवा की उपलब्धता के बारे में पता करके फार्मेसी का रास्‍ता बताया जहां वो उपलब्‍ध हो। सोनू सूद का कहना है कि नीलेश नवलखा ने बिना सच जाने उन पर झूठे और निराधार आरोप लगा दिए।

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