Monday, Jun 27, 2022
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vidya balan and shefali shah film jalsa review

Film Review: विद्या बालन पर भारी पड़ी शेफाली शाह, सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर है 'जलसा'

  • Updated on 3/18/2022

फिल्म: जलसा (Jalsa)
एक्टर: विद्या बालन (Vidya Balan), शेफाली शाह (Shefali Shah), मानव कौल (Manav Kaul), रोहिणी हट्टंगड़ी (Rohini Hattangadi), इकबाल खान ( Iqbal Khan), विधात्री बंदी (Vidhatri Bandi), श्रीकांत मोहन यादव (Shrikant Mohan Yadav), शफीन पटेल (Shafin Patel ) और सूर्या कसीभटला (Surya Kasibhatla)
डायरेक्टर: सुरेश त्रिवेणी (suresh triveni)
Ott: अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video)
रेटिंग : 4.5/5

ज्योत्सना रावत। अभिनेत्री विद्या बालन और शेफाली शाह की शानदार एक्टिंग से सजी 'जलसा' एक क्राइम ड्रामा बेस्ड फिल्म है। फिल्म सस्पेंस, शॉक औऱ थ्रिल से भरी है। सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित यह फिल्म अमेजन प्राइम पर 18 मार्च यानी आज रिलीज हो गई है। जलसा का निर्माण अबुदंतिया एंटरटेनमेंट और टी-सीरीज ने किया है। फिल्म में विद्या और शेफाली के अलावा मानव कौल, रोहिणी हट्टंगड़ी, इकबाल खान, विधात्री बंदी, श्रीकांत मोहन यादव, शफीन पटेल और सूर्या कसीभटला जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

कहानी
'जलसा' की पूरी कहानी विद्या और शेफाली के किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। विद्या जहां एक हाई प्रोफाइल पत्रकार के किरदार में हैं, वहीं शेफाली उनकी कुक रुकसाना का किरदार निभा रही हैं। विद्या पत्रकार होने के नाते सच्चाई दिखाने के लिए जानी जाती हैं। वहीं उसकी जिंदगी में एक ऐसी घटना घट जाती है जिस वजह से उसकी खुद से ही लड़ाई शुरु हो जाती है और वो खुद को माफ नहीं कर पाती। दरअसल, एक रात माया जब ऑफिस से घर आ रही होती है तो गलती से उसकी कार से एक एक्सीडेंट हो जाता है। लेकिन डर की वजह से माया उस लड़की को तड़पता छोड़ जाती है। जब कहानी आगे बढ़ती है तो पता चलता है कि जिस लड़की का एक्सीडेंट माया से हुआ था, वो रुकसाना की बेटी आलिया है। अब खुद को बचाने के लिए माया बहुत कुछ करती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब रुकसाना को पता लगता है कि माया से ही उसकी बेटी का एक्सीडेंट हुआ था। अब ये जानने के लिए कि माया को सजा होती है या नहीं और रुकसाना माया से बदला लेती है या नहीं.. इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी। 

एक्टिंग
फिल्म में एक से बढ़कर एक कलाकार हैं। विद्या बालन ने पत्रकार के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। वहीं शेफाली से अच्छा रुकसाना का किरदार कोई और नहीं निभा सकता था। वहीं मानव कॉल ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है। इनके अलावा रोहिणी हट्टंगड़ी, इकबाल खान, विधात्री बंदी, श्रीकांत मोहन, शफीन पटेल और सूर्या कसीभटला ने भी काफी अच्छा काम किया है। 

डायरेक्शन
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है। फिल्म के एक - एक सीन पर काफी मेहनत की गई है, जो फिल्म देखने पर साफ पता चलता है। फिल्म में शेफाली शाह और विद्या बालन की एक्टिंग शानदार है। यह कहना गलत नहीं होगा कि शेफाली विद्या पर भारी पड़ती दिख रहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि फिल्म में शेफाली के बहुत कम डॉयलॉग्स है औऱ साइलेंट रह कर उन्होंने सिर्फ अपनी आंखो और एक्सप्रेशन्स से कमाल दिखाया है। लगभग 2 घंटे की इस फिल्म की एंडिंग काफी अच्छी है। 

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