Wednesday, Aug 10, 2022
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धर्म परिवर्तन मामले में टूटा वाजिद खान की पत्नी के सब्र का बांध, कहा- मैंने शादी के 17 साल जो सहा...

  • Updated on 12/1/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी ने हाल ही में अपने ससुरालवालों को लेकर कई ऐसे राज खोले हैं जिन्हें सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।वाजिद खान की पत्नी कमालरुख ने बताया कि शादी के बाद मुझे इस्लाम कबूल करने के लिए काफी परेशान किया गया। 

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वाजिद खान की पत्नी ने कहा ये
 हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि शादी को 17 साल हो गए हैं इन 17 सालों में जिस दर्द से मैं गुजरी हूं उसे मैंने अपने सीने में दफन कर रखा है। लेकिन अब मैं अपने बच्चे के लिए उस दर्द को बाहर लाना चाहती हूं। पति वाजिद  के इंतकाल के बाद अब मुझे अपने बच्चों की विरासत के लिए लड़ना पड़ेगा क्योंकि ससुराल वालों ने संपत्ति पर कब्जा जमा रखा है।

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छीना जा रहा बच्चों का हक
अब मैं अपने बच्चों के लिए पिता और मां दोनों हूं इसलिए मुझे ही उन दोनों का ध्यान रखना पड़ेगा। मेरी बेटी की उम्र 16 साल और बेटे की उम्र 9 साल है  उनके जीवन यापन और शिक्षा के लिए मुझे पैसे देने होंगे।उन्होंने आगे कहा कि मेरे बच्चों से उनका अधिकार छीना जा रहा है। मैंने अपनी शादी को लेकर जो 17 साल दर्द सहा है मैं नहीं चाहती कि कोई और महिला उस दर्द को सहे। 

क्या है मामला
दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी कमलरुख खान ने दावा किया है कि इस्लाम स्वीकार करने से इंकार करने पर उनके सास-ससुर ने उन्हें‘‘भयभीत करने की रणनीति‘’अपनाते हुए‘‘अलग-थलग‘’करने की कोशिश की। संगीतकार साजिद-वाजिद की जोड़ी के वाजिद खान का जून में निधन हो गया था। इंस्टाग्राम के असत्यापित खाते के जरिए अपना अनुभव साझा करते हुए कमलरुख ने कहा कि वह पारसी हैं और उन्होंने‘‘दबंग‘’फिल्म के संगीतकार के साथ विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की थी। सोशल मीडिया पर उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कमलरुख मनोचिकित्सक हैं। 

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सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट
कमलरुख द्वारा शुक्रवार को जारी एक लंबी पोस्ट में कहा गया कि वह एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां शिक्षा, विचार की स्वतंत्रता और‘‘लोकतांत्रिक‘’मूल्यों को बढ़ावा दिया गया था लेकिन यह सब उनके पति के परिवार से मेल नहीं खाता था। कमलरुख ने दावा किया,‘’उन्हें एक शिक्षित और स्वतंत्र विचार वाली महिला स्वीकार्य नहीं थी और धर्मांतरण के दबाव का विरोध करना पाप जैसा था। मैंने हमेशा सभी उत्सवों का सम्मान किया, भागीदारी की और उन्हें मनाया।

उन्होंने आगे  कहा,‘’लेकिन, धर्मांतरण से इंकार करना, मेरे और मेरे पति के बीच दूरियां बढऩे का कारण बनने लगा और पति-पत्नी के संबंधों के तौर पर इसे बर्बाद करने के लिए जहर भरा गया।‘‘ सोलह वर्षीय बेटी अर्शी और नौ वर्षीय बेटे रेहान की मां कमलरुख ने कहा,‘’मैं अपने वैवाहिक जीवन के दौरान हर समय इस भयानक सोच से हर स्तर पर लड़ती रही। इसका परिणाम यह हुआ कि मुझे मेरे पति के परिवार से अलग-थलग किया गया और धर्मांतरण की साजिश के तहत तलाक के लिए अदालत तक ले जाया गया।

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