Thursday, Aug 11, 2022
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World Schizophrenia Day- इस मानसिक रोग पर जागरुकता की जरूरत

  • Updated on 5/24/2016

गुड़गांव (ब्यूरो)। स्किजोफ्रेनिया(मनोविदलता) नाम की मानसिक बीमारी से गुडग़ांव भी अछूता नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस गम्भीर मानसिक रोग है कि अधिकतर प्रकृति आनुवंशिक होती है। 

बदलती लाइफ स्टाइल की देन है यह बीमारी

जो विचारों, भावनाओ, व्यवहार और अनुचित कार्य तथा दोष पूर्ण धारणा के लिए जिम्मेदार हैं। सोमवार को संबंध एनजीओ द्वारा आयोजित एक कार्याक्रम के दौरान स्किजोफे्रनिया जैसी तेजी से बढ़ रही बीमारी के बारे में बिस्तार से चर्चा हुई।

विशेषज्ञों के मुताबिक स्किजोफे्रनिया से पीड़ित व्यक्ति को वास्तविकता व काल्पनिकता का भेद समझने मे कठिनाई होती है। उन्हें श्रवण एवं दृश्यात्मक दोनों प्रकार की भ्रांति होती है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों की मानें तो देशभर जितनी आत्महत्यांए हो रही है उनमें 90 प्रतिशत आत्महत्याओं के पीछे भी इसे मुख्य कारण माना गया है। 

इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इस बीमारी को रोकने व मानसिक स्वास्थय को बढावा देने की पहल निहायत जरूरत महसूस की जा रही हैं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रहे सिविल अस्पताल के वरिष्ठ मनो चिकित्सक के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत की 10 प्रतिशत जनसंख्या किसी न किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित है जिनमें से 3 प्रतिशत  गम्भीर मानसिक बीमारी से पीड़ित है। हरियाणा में सात लाख लोगों मानसिक रोगों से पीड़ित है जिसमें से अकेले गुडग़ांव मे करीब 50,000 से अधिक लोग इससे पीड़ित है। 

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