Thursday, Jan 23, 2020
cancer patients are dying due to insufficient treatment

उपचार राशि नाकाफी, अभाव में दम तोड़ रहे हैं कैंसर मरीज

  • Updated on 1/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश में आॢथक रूप से लाचार मरीजों के लिए तमाम तरह की स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) नीतियां बनाकर सरकार आॢथक रुप से लाचार मरीजों को राहत देने की लगातार कोशिश में जुटी है, लेकिन तमाम कवायदों के बावजूद कैंसर का उपचार आज भी लोगों के लिए जिंदगी भर की कमाई लुटाने वाला साबित हो रहा है। अक्सर देखो गया है कि मरीज एक समय के बाद आॢथक लाचारी की वजह से उपचार से वंचित रह जाता है या समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो जाती है।


सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने का खर्च होता है भुगतान : जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा में कैंसर सहित तमाम तरह केे गंभीर रोगों को कवर तो किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य बीमा कैंसर के उपचार में महज क्षतिपूर्ति बनकर रह गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्वास्थ्य बीमा के तहत केवल अस्पताल में भर्ती होने का खर्च का ही भुगतान किया जाता है। आमतौर पर एक पॉलिसी धारक लगभग  लाख तक की बीमा राशि का निपटान करते हैं। यह राशि कैंसर जैसी घातक बीमारी के उपचार की लागत को पूरा करने में ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। हालांकि, गंभीर बीमारी (क्रिटिकल इल्नेस) बीमा योजना कैंसर जैसे विशिष्ट रोगों के लिए आवश्यक महंगे उपचार में मददगार तो है, लेकिन इसके तहत दावा तब किया जा सकता है जब घातक ट्यूमर अनियंत्रित वृद्धि की प्रक्रिया में होता है। यानि कैंसर के उन्नत चरणों (एडवांस स्टेज) में ही गंभीर बीमारी से संबंधित स्वास्थ्य बीमा काम आता है।

नि:शुल्क उपचार का विकल्प मरीजों की तादाद के आगे धराशाई :देश में वैसे तो कैंसर के उपचार में विशेषज्ञता  अस्पताल हैं। इनमें से कई अस्पतालों में कैंसर की नि:शुल्क उपचार की जाती है, लेकिन तेजी से बढ़ते कैंसर के मामले और मरीजों की तादाद के आगे खासतौर से सरकारी अस्पतालों के संसाधन कम पड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ७० प्रतिशत मरीज या तो खर्च के दबाव में उपचार से मुंह मोड़ लेते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो जाती है।

कैंसर के उपचार वाले अस्पताल
टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुम्बई
अखिल भारतीय आयुॢवज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली
द कैंसर इंस्टीट्यूट, अडयार, चैन्नई
अपोलो स्पेशियलिटी अस्पताल, चेन्नई
गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, अहमदाबाद
राजीव गांधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र, नई दिल्ली
किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी, बेंगलुरु
रीजनल कैंसर सेंटर, तिरुवंतपुरम
एचसीजी, बेंगलुरु
पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च, चंडीगढ़
इन अस्पतालों में कैंसर का नि:शुल्क उपचार
टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुम्बई
किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी, बेंगलुरु
टाटा मेमोरियल अस्पताल, कोलकाता
रीजनल कैंसर सेंटर, तिरुवंतपुरम
कैंसर केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुम्बई

comments

.
.
.
.
.