Saturday, Apr 21, 2018

दूषित हवा दिल के लिए है खतरनाक, महिलाओं पर होता है ज्यादा असर

  • Updated on 4/17/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। ज्यादा देर तक वायु प्रदूषण में रहने से दिल के रोगों का खतरा बढ़ जात है। यह उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन एचडीएल के स्तर में कमी आने की वजह से होता है। एचडीएल को आमतौर पर एक अच्छे कोलेस्ट्राॅल के रूप में जाना जाता है।

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यातायात से जुड़े प्रदूषण की वजह से अच्छे कोलेस्ट्राॅल की कमी हो जाती है। इस रिसर्च से जुड़े निष्कार्षों को प्रकाशन 'आर्टिरियोस्के लोरोसिसए थ्रोमबोसिस और वास्कुलर बॉयोलाजी' में किया गया है।

सिएटल में वाशिंगटन स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ के प्रमुख लेखक ग्रिफिथ बेल कसे कहना है कि उच्च वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में एचडीएल को स्तर कम देखा गया है। इससे लोगों में दिल की बिमारी होने को खतरा बढ़ जाता है। यह रिसर्च अमेरिका के 6654 मध्य आयु वाले बुजुर्गों पर किया गया ।

जिन लोगों पर यह शोध किया गया वे उच्च स्तर वाले यातायात वायु प्रदूषण वाले इलाके में रहने वाले थे। इनमें एचडीएल को स्तर भी कम पाया गया। शोधकर्ताओ ने कहा कि उच्च पर्टिकुलेट मैटर वाले इलाके में तीन महीने तक रहने वालों में एचडीएल का स्तर कम पाया गया ।

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आपको बता दें कि पुरूषों और औरताें में वायु प्रदूषण का असर अलग-अलग होता है। उच्च प्रदूषण वाले क्षेत्र में रहने वाले पुरूष और महिलाओं में एचडीएल का स्तर कम होता है लेकिन वायु प्रदूषण को असर महिलाओं पर ज्यादा होता है। 

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