Thursday, Jan 23, 2020
in which area how many cancer patients are there map will show

किस इलाके में कितने हैं कैंसर मरीज बताएगा मानचित्र, देश में पहली बार होगी जियो टैगिंग

  • Updated on 11/22/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कैंसर मरीजों (Cancer Patients) का पता लगाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। कैंसर मरीजों के जियो टैगिंग (geo tagging) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बताया गया है कि ऐसा पहली बार होगा कि मरीजों की उपलब्धता के आधार पर एक मानचित्र तैयार किया जाएगा ताकि समय रहते इलाकावार तरीके से मरीजों की तादाद का पता लगाया जा सके।

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मानचित्र की मदद से यह भी पता लगाया जाएगा कि मरीज किन केंद्रों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जहां मरीजों की तादाद अधिक होगी मानचित्र में वहां लाल रंग का बिंदु मानचित्र पर उभर आएगा। शुरूआती टैगिंग की प्रक्रिया में यह जानकारी प्राप्त हुई है कि पूर्वोत्तर और महाराष्ट्र में कैंसर के सबसे अधिक मरीज हैं और उनकी तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। जियो टैगिंग की जिम्मेदारी परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत आने वाली टाटा मेमोरियल केंद्र को सौंपा गई है। जियो टैग की मदद से मरीजों के साथ उनकी बीमारी की विस्तृत जानकारी संग्रहित की जाएगी।
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उपचार के लिए नए मॉडल पर विचार
कैंसर से मुकाबला करने के लिए गठित संसदीय समिति स्पोक एंड हब मॉडल पर विचार कर रही है। इस मॉडल के तहत राज्य स्तरीय मामूली तौर के कैंसर से मुकाबला करने के लिए स्पोक जैसा स्थानीय अस्पतालों का निर्माण करने का प्रस्ताव है। वहीं कैंसर से लडऩे के लिए इन अस्पतालों का हब अलग से बनाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

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सलाना 16 लाख मामले आ रहे हैं सामने
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रत्येक वर्ष कैंसर के 16 लाख मामले सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक (दो लाख) आंतों के कैंसर के मामले हैं। वहीं स्तन कैंसर के एक लाख 40 हजार मामलों की पुष्टि हुई है। जबकि, ओरल कैंसर के एक लाख मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमें 45 हजार पुरुषों के ओरल कैविटी के कैंसर और 90 हजार मामले गले के कैंसर से संबंधित हैं।

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आंकड़ों में कैंसर  
- कैंसर के दो तिहाई मरीज उपचार के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर।
- कैंसर से मुकाबले के लिए सरकारी ढांचा नहीं है पर्याप्त।
- जियो टैगिंग के जरिए खुलासा हुआ है कि पिछले 6 महीने में 75 हजार मरीज उपचार के लिए टाटा मेमोरियल केंद्र पहुंचे।
- अगले वर्ष तक यह संख्या 80 हजार के पार पहुंचने की संभावना।  
- अगले 15 साल में मरीजों की यह तादाद वार्षिक 13 लाख से बढ़कर 2035 तक 17 लाख वार्षिक पहुंचने की संभावना
- 2018 में कैंसर से 8 लाख लोगों की मौतें हुईं।
- 2035 तक मरने वालों की तादाद 13 लाख हो सकती है। 

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