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Interview: 'नेल पॉलिश' को लेकर आनंद तिवारी ने कहा- सिर्फ कोर्ट रूम ड्रामा नहीं है ये फिल्म

  • Updated on 1/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए साल के पहले ही दिन जी 5 पर रिलीज होने जा रही है एक्शन थ्रिलर से भरपूर भार्गव कृष्णा द्वारा निर्देशित फिल्म 'नेल पॉलिश'। इस फिल्म को लेकर इसमें काम कर रहे एक्टर आनंद तिवारी ने पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स से खास बातचीत की।

फिल्म का नाम काफी यूनिक है तो इसके पीछे क्या सीक्रेट है?
फिल्म के नाम के पीछे एक बड़ी वजह है और वो सीक्रेट उसी वक्त सामने आएगा जब फिल्म रिलीज होगी। ये एक सिर्फ कोर्ट रूम ड्रामा नहीं है इसमे बहुत सारे लेयर हैं जिसे देखकर आपको काफी मजा आएगा।

इस फिल्म में आपका किरदार क्या है?
इस फिल्म में मैं एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का किरदार निभा रहा हूं। जैसे फिल्म आगे बढ़ती है तो काफी नई चीजे मेरे सामने आती है कई ऐसे खुलासे होते हैं जिनसे में अनजान रहता हूं। मै शुरुआत से यहीं चाहता हूं कि जिसने अपराध किया है उसे ही सजा मिले लेकिन बाद में ये  केस ऐसा रुख लेते हैं कि शायद ही किसी ने ऐसा केस देखा होगा आज तक। हालांकि आपको बता दूं कि ये एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। 

अर्जुन रामपाल के साथ काम करना कैसा एक्सपीरियंस रहा ?
अर्जुन रामपाल से साथ काम करने में काफी मजा आया। उन्होंने हमेशा बड़े भाई की तरह सपोर्ट किया। उन्होंने कभी भी फील नहीं होने दिया कि उन्हें एक्टिंग का इतना एक्सपीरियंस है। वो बहुत ही गहरे इंसान हैं। उन्हें सिनेमा को लेकर बहुत जानकारी हैं। वो शूटिंग के दौरान हमे बूस्ट करते रहते थे। उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला।

शूटिंग के दौरान कुछ फनी मूवेमंट हुआ हो जो हमारे साथ शेयर करना चाहे
शूटिंग के दौरान मैं पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और अर्जुन रामपाल डिफेंस लॉयर का किरदार निभा रहे हैं। ऐसे में शूटिंग के दौरान हमारे झगड़े चलते रहते थे। लेकिन जब शूटिंग का पैकअप होता था तो हम एक दूसरे की टांग भी खीचते थे। जैसे शूटिंग के दौरान किसी ने किसी से गलती हुई तो हम बस कट का इंतजार करते थे और फिर हम जज  रजित कपूर बने हुए हैं उनको भी नहीं छोड़ते थे।

नेल पॉलिश की शूटिंग कोरोना काल में हुई है तो आप लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ा?
कोरोना काल में शूटिंग हुई और  मैं और मानव दोनों ही कोरोना  पॉजिटिव हो गए थे। 14 दिन के क्वारंटीन के बाद भी हमने काफी टाइम लिया और नई ताकत और जोश के साथ शूटिंग शुरू कर दी। इस दौरान बीच में शूटिंग भी रुकी लेकिन कभी भी डायरेक्टर और टीम के किसी भी मेंबर ने हमे ये अहसास नहीं होने दिया कि आपकी वजह से शूटिंग में देरी हुई है। हमने शूटिंग के दौरान पूरी सेफ्टी का ध्यान रखा। शूटिंग के बीच हमारे चेकअप होते रहते थे। पूरी टीम हमारे साथ थे।

आनंद आपने बहुत सारी फिल्में की है तो सबसे ज्यादा मनपसंद किरदार कौन सा है ?
मेरा सबसे मनपसंद किरदार नेलपॉलिश  का ही हैं क्योंकि अपने इस किरदार से मैंने भी बहुत कुछ सीखा है। इस किरदार से मैंने सीखा है जब जिम्मेदारी आती है तो उसे हमे पूरा करते हुए उसे सही अंजाम तक पहुंचाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।  इस फिल्म को करते हुए मुझे पता चला कि सच के कई पहलू होते हैं। इसलिए हम इसे सेड्स ऑफ लॉ कहते हैं कि सच सफेद या काला नहीं होता है। इसको जितने पहलू से देखे उनता ही अलग दिखता है।

नेल पॉलिस भी ओटीटी पर रिलीज हो रही है और ओटीटी प्लेटफॉर्म भी काफी तेजी से ग्रो कर रहा है तो क्या इस पर सेंसरशिप होना चाहिए?
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप लगानी चाहिए या नहीं इसके लिए कई बुढ़िजीवी हैं जो फैसला लेंगे। हमारे कंटेंट और हमारे समाज को दोनों को ही देखना पड़ेगा कि क्या दिखाना चाहिए और क्या कट करना चाहिए। जब दोनों ही  रिस्पोंसिबल हो जाएंगे तो ही कुछ हो पाएगा। ये एक बहुत बड़ा सवाल है जिसे 5 मिनट में समेटा नहीं जा सकता है।

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