Saturday, Mar 23, 2019

मेहनत करने पर जरूर मिलता है मुकाम : मुस्कान सेट्ठी

  • Updated on 3/5/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सपने तो सब देखते हैं लेकिन इन्हें सच कुछ ही लोग कर पाते हैं। इन्हीं लोगों में से एक हैं तेलुगू, बॉलीवुड और पंजाबी फिल्मों में अपनी जगह बना चुकीं एक्ट्रेस मुस्कान सेट्ठी। अपने फिल्मी करियर के बारे में मुस्कान ने खास बातचीत की।

ऐसे मिला पहली फिल्म का ब्रेक
मेरे फिल्मी करियर की शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई जिसे करीबन 5 मिलियन व्यूज मिले। इसी शॉर्ट फिल्म से मुझे नोटिस किया गया जिसके बाद मुझे साउथ के डायरेक्टर ने कॉनटैक्ट किया। मुझे हैदराबाद बुलाया गया ऑडिशन के लिए जिसे मैंने क्लीयर कर लिया। इस ऑडिशन के बाद मुझे मेरी पहली मूवी 'पैसा वसूल' मिली जो कि तेलुगू में थी बालाकृष्णन के साथ। फिल्मों में करियर की शुरुआत की खुशी बहुत थी लेकिन मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मुझे इतने बड़े स्टार के साथ कास्ट किया गया है। ये नहीं कह सकती कि मेरा अब तक का सफर बहुत आसान रहा है लेकिन जो काम मुझे पसंद आता गया मैं उसे पूरी मेहनत के साथ करती गई।  

पैरेंट्स ने किया सपोर्ट
मेरे करियर को इस मुकाम पर ले आने पर मेरे परिवार ने मुझे काफी सपोर्ट किया। मरी पढ़ाई को लेकर वो शुरू से ही काफी स्ट्रिक्ट रहे लेकिन जैसे ही मेरी पढ़ाई पूरी हुई उन्होंने मुझे समय दे दिया और अपने मन का करने की पूरी आजादी दी थी। बहुत ही कम लोगों को ये मौका मिलता है कि वो अपने पैशन की तरफ पूरी आजादी से अपना कदम बढ़ा सकते हैं।

तेलुगु फिल्म में काम करना नहीं था आसान
दिल्ली में पूरी परवरिश होने के बाद मेरे लिए तेलुगु फिल्म में काम करना आसान नहीं था। मुझे तो तेलुगु आती भी नहीं थी लेकिन मेरे दिमाग में बस एक ही बात थी कि कुछ तो आपको ऐसा करना होगा जो बाकी लोग नहीं कर सकते। साउथ की फिल्म में काम करने के बाद मुझे पता चला कि ये भी बहुत ही खूबसूरत इंडस्ट्री है और यहां के लोग काफी सपोर्टिव हैं। दो साल में अब मैं भी इस इंडस्ट्री में काफी घुल-मिल गई हूं। इतने समय में मेरा काम भी काफी बेहतर हुआ है। अब बिना किसी मुश्किल के मैं तेलुगु डायलॉग्स भी बोल लेती हूं।

पंजाबी फिल्मों से करती हूं ज्यादा कनेक्ट
साउथ के बाद मैंने हिन्दी और पंजाबी फिल्म भी की। तीनों भाषाओं में काम करने के बाद ये कह सकती हूं कि तीनों ही इंडस्ट्री अच्छी हैं लेकिन क्योंकि मैं एक पंजाबी हूं इसलिए शायद इससे एक अलग जुड़ाव महसूस करती हूं। पंजाबी फिल्मों की शूटिंग के दौरान ऐसा लगता है जैसे मैं घर पर ही हूं।

फैमिली ओरियंटेड कंटेट है पसंद
वेब सीरीज के ऑफर भी मेरे पास आ रहे हैं लेकिन मैं फिलहाल सिनेमा पर ज्यादा फोकस कर रही हूं। वेब सीरीज की बात करूं तो मुझे लगता है कि उसका कंटेंट अभी बहुत ज्यादा फैमिली ओरियंटेड नहीं है। सेंसरशिप ना होने के कारण वो एक अलग ओपन स्पेस है। मैं ऐसे कंटेट पर काम करना पसंद करती हूं जिसे यूए सर्टिफिकेट मिले और जिसे देखकर मेरे पैरेंट्स भी खुश हों। अगर मुझे वेब सीरीज का कोई ऐसा ऑफर मिलता है जो मुझे पसंद आता है तो मैं जरूर करूंगी। अगर इंटीमेट सीन्स की बात करूं तो वो मैं तभी करूंगी जब मुझे लगेगा कि ये स्क्रिप्ट के लिए जरूरी है और उसे सही तरीके से दिखाया जा रहा है लेकिन अगर वो सीन सिर्फ ऑडियन्स को खींचने के लिए किया जा रहा है तो मैं वो कभी नहीं करूंगी।

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