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EXCLUSIVE INTERVIEW : प्रोपोगैंडा नहीं एक शख्सियत की कहानी है 'ठाकरे'

  • Updated on 1/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। महाराष्ट्र का टाइगर कहे जाने वाले स्व. बाला साहेब ठाकरे पर बनी बायोपिक फिल्म 'ठाकरे' सिनेमाघरों पर दस्तक दे चुकी है। जहां एक तरफ फिल्म मेकर इसे एक महान शख्सियत पर बनी एंटेरटेनिंग बायोपिक फिल्म बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ इस फिल्म को चुनाव से पहले एक प्रोपोगैंडा भी माना जा रहा है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस फिल्म में बाला साहेब ठाकरे का किरदार निभा रहे हैं वहीं अमृता राव उनके पत्नी मीनाताई के किरदार में नजर आएंगी। इस फिल्म को अभिजीत पानसे द्वारा निर्देशित किया गया है। फिल्म के प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अमृता राव ने पंजाब केसरी/ नवोदय टाइम्स/ जगबाणी/ हिंद समाचार के साथ खास बातचीत की। 

बाला साहेब को परदे पर उतारने की पूरी कोशिश : नवाजुद्दीन सिद्दीकी
मैंने पूरी कोशिश की है बाला साहेब को सही तरीके से पर्दे पर उतारने की। बायोपिक फिल्म बनाते वक्त अकसर हम पब्लिक इमेज को ध्यान में रखकर कैरेक्टराइजेशन करते हैं लेकिन हमें उनके पर्सनल स्पेस पर भी ध्यान देना चाहिए जो मुझे बाला साहेब के करीबी रहे संजय राउत से जानने को मिला। अब ये ऑडियंस तय करेगी कि इस कोशिश में मैं कितना कामयाब रहा।

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पहली बार गेटअप में आने पर हुआ ये एहसास
जब मैं पहली बार बाला साहेब के गेटअप में वैनिटी से निकला तब मैंने महसूस किया कि उनको लेकर आज तक लोगों में कितना प्यार है। उनके किरदार के साथ न्याय करना मेरे लिए बहुत बड़ा चैलेंज था। फिल्म को देखने पर दर्शकों को एहसास होगा कि इस फिल्म को बनाने में बहुत मेहनत की गई है।

बाला साहेब का एटीट्यूड था पसंद
मुझे बाला साहेब का ऐटिट्यूड बहुत पसंद था। इस रोल के ऑफर होने से पहले भी जब मैं उनके इंटरव्यू देखता था तो मुझे उनका हर अंदाज बहुत पसंद आता था। जो ऑरा उन्होंने बनाया हुआ था, जो वो अंदर से थे वो मुझे प्रेरित करता था।

चुनाव को ध्यान में रखा तो कोई फिल्म नहीं होगी रिलीज
हर दूसरे साल चुनाव होते हैं, अगर हम इस पर ध्यान देने लगे तो कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हो पाएगी। वैसे भी संजय राउत कह चुके हैं कि चुनाव आ रहे हैं तो उसकी तारीख आगे बढ़ा दो क्योंकि ये फिल्म तो बाला साहेब के जन्मदिन के मौके पर ही रिलीज होगी। अगर प्रोपोगैंडा फिल्म की बात करें तो वो आप 40 साल से देखते आ रहे हैं जिसमें एक सर्वगुण संपन्न हीरो होता है और एक हिरोइन होती है। रियालिटी से तो हर कोई दूर भागता है। 

मैं सेल्फिश एक्टर हूं
स्क्रिप्ट सेलेक्शन में मैं थोड़ा सेल्फिश एक्टर हूं। मैं वो किरदार चुनता हूं जो मुझे असहज महसूस कराते हैं। बॉलीवुड में इमेज का खेल बहुत चलता है जिसके कारण एक्टर्स का एक दायरा बन जाता है लेकिन मैं ऐसे रोल करना पसंद करता हूं जो कोई और नहीं करना चाहता क्योंकि इन किरदारों में गंदगी के साथ-साथ एक खूबसूरती भी होती है।

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सोचा नहीं था ऐसी फिल्म के साथ आऊंगी : अमृता राव
मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी फिल्म के साथ मैं पर्दे पर आऊंगी। ये मेरे लिए बहुत ही सम्मान की बात है कि मुझे इस रोल के लिए चुना गया। मीनाताई बाला साहेब की जिंदगी में जिस तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाती थीं उसके लिए मेरे मन में उनके लिए बहुत इज्जत है और मुझे बहुत अच्छा लगा कि ऐसे किरदार को मैं ऑडियंस के सामने पेश कर रही हूं। 

ऐसे समझा मीनाताई का किरदार
मीनाताई के किरदार को समझने के लिए मेरे पास सिर्फ इंटरनेट ही एक जरिया था। बाला साहेब की बहन संजीवनी के एक इंटरव्यू ने मेरी काफी मदद की। उनकी फोटोज को देखकर भी मैंने उनके किरदार में ढलने की कोशिश की। रियल लाइफ में लोगों ने जो उनके बारे में बातें बताईं उससे काफी मदद मिली। 

बाला साहेब को बचकानी स्ट्रैटिजी की जरूरत नहीं
एक कलाकार अगर सोचकर एक प्रोपोगैंडा फिल्म बनाता या उसमें काम करता है तो वो कभी नहीं चलती। अब ऑडियंस बहुत ही स्मार्ट हो चुकी है जो हर बात पर अपनी राय देती है। यही वजह है कि बाला साहेब जैसी बड़ी शख्सियत पर हम ऐसी बचकानी स्ट्रैटिजी नहीं बना सकते।

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कभी नहीं चाहा नंबर 1 हिरोइन बनना
मेरी और मीनाताई के किरदार में जो एक समानता मैं देखती हूं वो है जिम्मेदारियां लेने की। जिस परिपक्वता से मीनाताई  जिम्मेदारियां लेती थीं उस ही तरह मैंने भी अपनी जिंदगी में हर जिम्मेदारी को बहुत ही गंभीरता से लिया है।  कभी भी मैंने ये नहीं सोचा कि मुझे नंबर वन हिरोइन बनना है क्योंकि मैं परफेक्शनिस्ट बनना पसंद करती हूं। 

नवाजुद्दीन को देखकर सोच में पड़ जाती हूं
नवाजुद्दीन में इतने कैरेक्टर हैं कि इनको देखकर मुझे लगता है कि आखिर असली में ये हैं कौन। इनकी खासियत ये है कि किसी भी रोल को प्ले करने के लिए ये सेट पर पूरी तैयारी से आते हैं। इतने बड़े स्टार होने के बावजूद बहुत सी सादगी से रहते हैं और कभी लाइमलाइट में आने की कोशिश नहीं करते। 

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