Tuesday, Jan 18, 2022
-->
''''fake'''' employees working in government departments instead of ''''real'''' employees

सरकारी विभागों में ‘असली’ कर्मचारियों की जगह काम कर रहे ‘नकली’ कर्मचारी

  • Updated on 7/13/2019

देश के विभिन्न सरकारी विभागों में फर्जीवाड़ा जोरों पर है। कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी के मामले तो अक्सर सामने आते ही रहते हैं, कुछ वर्षों से भारत में भ्रष्टाचार (Corruption in India) के एक नए तरीके का खुलासा हुआ है।
इसके अनुसार विभिन्न पदों पर काम कर रहे असली कर्मचारी स्वयं काम न करके, अपनी जगह पर काम करने के लिए गैर कानूनी तौर पर दूसरे लोगों को रख कर बाकायदा उन्हें वेतन दे रहे हैं। 
इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में  50-50 हजार रुपए वेतन लेने वाले दूसरे अध्यापकों की जगह 2-2 हजार रुपए महीने के नाममात्र किराए पर काम करते कम से कम 3 नकली अध्यापक पकड़े गए। 
बस्ती जिले में माधवपुर और अमरौना के प्राथमिक स्कूलों के पिंसीपलों सत्य प्रकाश मिश्र तथा गौरीनंदन शुक्ला की जगह 2 किराए के अध्यापक काम करते पकड़े गए जबकि इसी जिले के सुकरौली में एक स्कूल के पिंसीपल संदीप पांडे की जगह एक नकली अध्यापिका काम करती पकड़ी गई।  
रेलवे विभाग में काम करने वाले कुछ नकली टिकट बाबुओं का भी पता चला है। गत मास उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के टिकट काऊंटर पर बाकायदा एक प्राइवेट आदमी लोगों को टिकट देता और उनसे पैसे लेता पकड़ा गया। 
हाल ही में पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने जांच के आधार पर ऐसे 100 पटवारियों की सूची सरकार को सौंपी है जिन्होंने अपने कार्यालयों में काम करने के लिए प्राइवेट कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है।
बताया जाता है कि ये पटवारी इन अवैध निजी कर्मचारियों को अपनी तरफ से वेतन देते हैं और ये ‘नकली पटवारी’ सरकारी कागजात तैयार करने के साथ-साथ असली पटवारी के लिए लोगों से रिश्वत वसूल करने का काम भी करते हैं। 
यही नहीं, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 10 जुलाई को क्लर्कों की भर्ती के लिए शुरू हुए टाइपिंग के टैस्ट में पहले दिन ही दूसरे के लिए टैस्ट देने आया चंडीगढ़ सचिवालय में कार्यरत एक सरकारी स्टैनो टाइपिस्ट पकड़ा गया उपरोक्त घटनाओं से सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आज हमारे सरकारी विभागों में किस प्रकार धांधली मची हुई है। निश्चित ही ये भ्रष्टाचार के अत्यंत गंभीर मामले हैं। 
न जाने हमारे सरकारी विभागों में ऐसे कितने नकली कर्मचारी काम कर रहे होंगे जिस पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय कर्मचारियों की स्कैनिंग करना और इनकी ओर से आंखें मूंदे रखने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करना वांछित है जो घुन की तरह समूची प्रशासनिक प्रणाली को खोखला कर रहे हैं।                                                      —विजय कुमार 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.