Saturday, Jul 21, 2018

#section377ipc: 377 के खिलाफ आवाज बुलंद करता कारोबारी

  • Updated on 7/11/2018

नई दिल्ली/हर्ष कुमार सिंह।सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिकता को अपराध के तहत लाने वाली धारा-377 पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। मंगलवार को समलैंगिकता को अपराधमुक्त करार देने की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं के वकीलों के तर्क सुने गए। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ कर रही है। धारा-377 के खिलाफ कई याचिकाएं दी गई हैं, उनमें से एक याचिका जाने-माने कारोबारी केशव सूरी की भी है। वह द ललित सूरी हॉस्पिटलिटी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं....

होटल मालिक बना एलजीबीटी एक्टिविस्ट 

1 जुलाई 2007 को जब केशव सूरी ने अपने पिता की कंपनी द ललित सूरी हॉस्पिटलिटी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था तो किसी ने नहीं सोचा था कि 22-23 साल का यह नौजवान आने वाले समय में देश में एलजीबीटी (लेस्बियन गे बायसैक्सुअल ट्रांसजेंडर) समुदाय के अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वालों का ध्वजवाहक बनेगा। एक साल पहले नीति आयोग ने देश के युवा कारोबारियों की एक बैठक बुलाई और देश के विकास के बारे में उनके सुझावों और सोच के बारे में जानने का प्रयास किया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस बैठक का हिस्सा थे। वहां केशव ने उनसे सवाल किया था कि हमारे देश की इंडस्ट्री के लीडर्स और सरकार किस तरह से एलजीबीटी समुदाय के लोगों को देश में सहज महसूस करा सकते हैं? यही सवाल उस दिन केशव ने खुद से भी किया था। केशव खुद जन्मजात गे हैं और वे जानते हैं कि इस तरह के लोगों को कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
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केशव ने न केवल इनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई है बल्कि अपने ग्रुप की सभी सहयोगी कंपनियों में एलजीबीटी समुदाय के लोगों के हितों को सुरक्षित करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए। एक इंटरव्यू में केशव ने बताया कि उन्होंने अपने ग्रुप द्वारा संचालित नाइट क्लब किटी सू (दिल्ली, मुंबई व चंडीगढ़) में होने वाली न्यू ईयर पार्टियों में खास तौर से एलजीबीटी वर्ग से आने वाले कलाकारों को परफॉर्मेंस के लिए आमंत्रित किया और इसका उन्हें शानदार रिस्पांस मिला। पिछले साल नवंबर में गोदरेज कल्चर लैब में आयोजित एक कांफ्रेंस में केशव सूरी ने युनाइटेड नेशंस के साथ एक समझौता किया और अपने ग्रुप की सभी कंपनियों में एलजीबीटी समुदाय से आने वाले कर्मचारियों के हित में काम करने का वायदा किया।
क्या है Section 377, क्यों समाज का एक खास वर्ग चाहता है इसमें बदलाव

साथ ही केशव ने अपनी सभी कंपनियों के एचआर विभाग को निर्देशित किया कि वे कर्मचारियों द्वारा कंपनी ज्वाइन करने के समय भरे जाने वाले फॉर्म में तीन जेंडर के लिए कॉलम बनाएं। यही नहीं केशव इस समय बीमा कंपनियों को इस बात के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं कि वे सेक्स रिकन्स्ट्रक्शन सर्जरी को भी अपनी पॉलिसियों के तहत कवर करें। केशव कहते हैं कि 2015 में मुंबई में किटी सू की शुरूआत हुई थी और इस साल इसकी तीसरी सालगिरह पार्टी में एलजीबीटी समुदाय के लोगों के लिए विशेष फैशन वॉक कराई गई।

इसके लिए न्यूयार्क से दुनिया की सबसे बुजुर्ग ड्रैग क्वीन (महिला का वेश भरने वाला गे) लेडी बन्नी को भी बुलाया गया था। यही नहीं केशव की प्रेरणा से ललित ग्रुप के तीन ट्रांसजेंडर कर्मचारियों ने ड्रैग क्वीन के रूप में बन्नी का स्टेज पर साथ दिया। खबरें तो यहां तक भी हैं कि इन तीनों को ललित ग्रुप की ओर से ही सर्जरी कराने के लिए आर्थिक सहायता दी गई। 

सुप्रीम कोर्ट में दी थी याचिका 

केशव सूरी ने धारा 377 के खिलाफ 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। उन्होंने मांग की है कि इस धारा को तुरंत खत्म किया जाए और देश में सभी के लिए समान जीवन के अधिकार की मान्यता को स्थापित किया जाए। गौरतलब है कि आईपीसी की इस धारा के तहत ऐसे संबंध बनाने पर 10 साल तक की कैद का प्रावधान है। केशव का कहना है कि जो कुछ हम प्राइवेट में करते हैं वह सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं कर सकते? 

10 साल के रिश्ते को दिया नाम

केशव सूरी ने एक कदम आगे जाते हुए 10 साल के अपने प्यार को रिश्ते का रूप दे दिया। केशव ने अपने फ्रेंच पार्टनर सिरिल फ्युलिबोइस के साथ पिछले 26 जून को शादी कर ली। सूरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शादी का ऐलान किया और अपने अनूठे रिश्ते को नाम दिया। सिरिल व केशव 10 साल से रिलेशनशिप में थे और दोनों दिल्ली के वसंत विहार स्थित सूरी के घर पर ही साथ रह रहे थे। सिरिल एक आर्गेनिक कॉस्मेटिक्स कंपनी चलाते हैं जिसमें फ्रेंच एक्सपर्ट भारतीय सामग्री से उत्पाद तैयार करते हैं। दोनों ने पेरिस में शादी की। सिरिल फ्रेंच हैं और संभवत: इसलिए वहां शादी करना आसान रहा।
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कौन हैं केशव सूरी

  •   केशव सूरी के पिता स्व. ललित सूरी देश के जाने-माने होटल कारोबारी थे। नई दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित ललित होटल उनकी कंपनी भारत होटल्स लि. का कॉरपोरेट ऑफिस है।
  • ललित सूरी को स्व. राजीव गांधी व उनके परिवार का काफी करीबी माना जाता था। हालांकि सार्वजनिक स्थानों पर वे सभी राजनीतिक हस्तियों के साथ नजर आते रहते थे। यूपी से राज्यसभा के सदस्य रहे ललित का अक्तूबर 2006 में लंदन में निधन हुआ था। 
  •  केशव का जन्म 13 अप्रैल 1985 को हुआ। उनकी शिक्षा इंग्लैंड में हुई। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से लॉ व बिजनेस की डिग्री ली। इसके बाद लंदन के किंग कॉलेज से उन्होंने इंटरनेशनल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की। 
  • नई दिल्ली स्थिति स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में केशव ने अपनी पहली नौकरी भी की थी। 
  • केशव की मां डॉ. ज्योत्सना सूरी जानी-मानी कारोबारी व भारत होटल्स की सीएमडी हैं। केशव की तीन बहनें दिव्या, श्रद्धा व दीक्षा हैं।  
  •  भारत होटल्स लि. के देश-विदेश में 13 होटल हैं, जिनमें से एक लंदन में कुछ साल पहले ही खुला है।

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