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10 resident doctors of aiims get dengue kmbsnt

AIIMS के 10 रेजिडेंट डॉक्टरों को हुआ डेंगू, इलाज के लिए हो रहे परेशान

  • Updated on 9/18/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अभी तक कोरोना (Coronavirus) से जंग जारी है और एम्स के कोरोना योद्धा लगातार महामारी से लोहा ले रहे हैं। कोरोना से जुड़ी चुनौतियों से अभी उबरे भी नहीं है कि प्रशासनिक उदासीनता ने एम्स (AIIMS) रेजीडेंट डॉक्टरों के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। मामला डॉक्टरों की सेहत पर दोहरी मार से संबंधित है। दरअसल एम्स छात्रावास में रहने वाले रेजिडेंट डॉक्टर डेंगू (dengue) की चपेट में हैं।

सूत्र बताते हैं कि मई से लेकर अब तक छात्रावास के करीब 10 से अधिक डॉक्टरों को डेंगू ने अपना शिकार बनाया है। कहा यह जा रहा है कि ऐसा कोई विभाग नहीं बचा जहां के एक या दो रेजिडेंट डॉक्टरों को डेंगू ना हुआ हो।

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विदेशी मूल के 5 रेजीडेंट डॉक्टरों को भी हुआ डेंगू
एम्स में अपनी सेवा दे रहे विदेशी मूल के 5 रेजीडेंट डॉक्टरों को भी डेंगू अपनी चपेट में ले चुका है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े संस्थान के डॉक्टर होने के बावजूद उपचार की राशि इन्हें अपनी जेब से चुकानी पड़ी। यहां एक तकनीकी परेशानी विदेशी मूल के डॉक्टरों के लिए आर्थिक परेशानी की वजह साबित हो रही है।

दरअसल, विदेशी मूल के डॉक्टरों को एम्स ना तो वेतन देता है और ना ही उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं भी प्रदान की जाती है। हालांकि कोरोना संक्रमण के दौर को देखते हुए डॉक्टरों को फौरी तौर पर अस्थाई स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है लेकिन कोरोना के अलावा किसी अन्य बीमारी में यह सुविधा लागू नहीं की जा रही है।

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जल निकासी की व्यवस्था बेहद लचर
रेजीडेंट डॉक्टरों के मुताबिक छात्रावास में जल निकासी की व्यवस्था बेहद लचर है और कई वर्षों से समस्या बरकरार है। प्रशासन के साथ कई बार बातचीत और बैठक हो चुकी है। हर बार आश्वस्त किया जाता है कि समस्या का समाधान किया जाएगा लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं किया गया है। नतीजतन प्रत्येक वर्ष के दर्जनों रेजिडेंट डॉक्टर डेंगू जैसे मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आकर बीमार होते रहते हैं। एम्स रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर आदर्श प्रताप सिंह के मुताबिक समस्या के बारे में एम्स प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है।

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