Sunday, Apr 05, 2020
15 members will be in sriram janmabhoomi teerth kshetra trust

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में होंगे 15 न्यासी, दलित समाज से होगा एक सदस्य

  • Updated on 2/6/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बताया कि ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’’ ट्रस्ट में 15 न्यासी होंगे जिनमें से एक दलित समाज से होगा । केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में ‘‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’’ के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में इस बाबत घोषणा की।

गृह मंत्री शाह ने अपने ट्वीट में कहा, ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिनमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।’ शाह ने बताया कि यह ट्रस्ट मंदिर से सम्बंधित हर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा और 67 एकड़ भूमि ट्रस्ट को हस्तांतरित की जायेगी।

उन्होंने कहा, ‘मुझे पूर्ण विश्वास है कि करोड़ों लोगों का सदियों से जारी इंतजार शीघ्र ही समाप्त होगा और वे प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर उनके भव्य मंदिर में उनके दर्शन कर पाएंगे।’ शाह ने कहा, ‘श्री राम जन्मभूमि पर उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार आज भारत सरकार ने अयोध्या में श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए अपनी कटिबद्धता दिखाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से ट्रस्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।’

उन्होंने कहा कि आज का यह दिन समग्र भारत के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का दिन है। शाह ने कहा ‘भारत की आस्था और अटूट श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्री राम के मंदिर के संबंध में इस कदम के लिए मैं प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करता हूं।’

     

इसके पहले अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रस्ट की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा विषय मेरे दिल के करीब है। प्रधानमंत्री ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया है जिसका का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। 

संसद को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं आज इस सदन को राम मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारी देने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार यह ट्रस्ट अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के विषय में सभी फैसले लेने को स्वतंत्र है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद मंदिर के आसपास की 67.03 एकड़ जमीन भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को दी जाएगी। उन्हेंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद कैबिनेट ने ट्रस्ट के गठन की अनुमति दी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए दी जाएगी।

9 नवंबर को राम मंदिर पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तीन महीने के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था जिसकी समय सीमा 9 फरवरी को समाप्त होने वाली थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसके अध्यक्ष कौन होंगे और इसके सदस्य कौन लोग। 

comments

.
.
.
.
.