Friday, Apr 23, 2021
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19 satellites launched through pslv-c51 pm modi congratulated isro pragnt

इसरो की बड़ी उड़ान की PM मोदी ने की तारीफ, कहा- एक नए युग की शुरुआत

  • Updated on 3/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी वाणिज्यिक इकाई 'न्यू स्पेस इंडिया लिमिटिड' (एनसिल) के प्रथम समर्पित मिशन के तहत रविवार को ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों का पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 के जरिए यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया। इन 18 उपग्रहों में से पांच उपग्रह छात्रों द्वारा निर्मित हैं।

  • अमेजोनिया-1 : भारत से प्रक्षेपित होने वाला पहला ब्राजीलियाई उपग्रह
  • 4  उपग्रह इसरो के इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड अथॉराइजेशन सेंटर के 
  • 14 उपग्रह एनएसआईएल के (इसमें अमरीका के 13 भी शामिल)
  • 78वां मिशन प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा से
  • 342 विदेशी उपग्रह इसरो द्वारा प्रक्षेपित
  • 34 देशों के उपग्रह किए गए प्रक्षेपित

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PM मोदी ने दी बधाइयां
इसरो के लिए इस साल के पहले मिशन के तहत सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसएचएआर) से पूर्वाह्न 10.24 बजे पीएसएलवी सी-51 के प्रक्षेपण के बाद उपग्रहों को एक-एक करके उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इसरो को पीएसएलवी सी-51/अमेजोनिया-1 के पहले समर्पित वाणिज्यिक प्रक्षेपण मिशन की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह देश में अंतरिक्ष सुधारों के एक नए युग की शुरुआत है।

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उपराष्ट्रपति और तेलंगाना CM ने की इसरो की सराहना
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी इसरो की सराहना की, जिसके आज के इस अभियान के साथ अब तक उसके द्वारा प्रक्षेपित विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या बढ़कर 342 हो गई। इसमें शामिल उपग्रहों में चेन्नई स्थित स्पेस किड्ज इंडिया (एसकेआई) का सतीश धवन सैटेलाइट (एसडी-सैट) नैनो उपग्रह भी शामिल है, जिस पर मोदी की तस्वीर उकेरी गई है और एक सुरक्षित डिजिटल कार्ड प्रारूप में भगवद गीता को भी भेजा गया है।

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सबसे ऊपरी पैनल पर उकेरी गई पीएम मोदी की तस्वीर
एसकेआई के अनुसार, मोदी की तस्वीर उनकी 'आत्मनिर्भर' पहल और अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों के लिए एकजुटता और आभार प्रकट करने के लिए अंतरिक्ष यान के सबसे ऊपरी पैनल पर उकेरी गई है। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों द्वारा निर्मित पांच उपग्रहों में से, एसडी-सैट का उद्देश्य विकिरण का अध्ययन करना आदि है, जबकि यूनिटीसैट विश्वविद्यालयों द्वारा निर्मित एक उपग्रह है जो रेडियो रिले सेवा प्रदान करने के लिए है। वहीं सिंधुनेत्र को बेंगलुरु स्थित पीईएस विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया है और इसका इस्तेमाल उपग्रह से तस्वीरों प्राप्त कर संदिग्ध जहाजों की पहचान करने के लिए किया जाएगा।

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क्या है अमेजोनिया-1?
अमेजोनिया-1, चार साल तक सेवा देने वाला पूर्ण रूप से ब्राजील निर्मित भू-अवलोकन उपग्रह है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को अमेजन क्षेत्र में वनों की कटाई की निगरानी और ब्राजील के क्षेत्र में विविधतापूर्ण कृषि के विश्लेषण के लिए सुदूर संवेदन आंकड़े प्रदान करना है। एसकेआई ने कहा कि मोदी की तस्वीर के अलावा, उसने एसडी-सैट पर 25,000 नाम भी भेजे हैं। इससे पहले, 25.5 घंटे की उलटी गिनती पूरी होने पर चार चरण वाला 44.4 मीटर लंबा इसरो का प्रक्षेपण यान पीएसएलवी अपने 53वें मिशन के तहत चेन्नई से 100 किलोमीटर दूर यहां स्थित पहले लॉन्च पैड से पूर्वाह्न 10.24 बजे के निर्धारित समय पर आसमान को चीरते हुए अंतरिक्ष की ओर गया।

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इसरो प्रमुख ने कहा ये
इसरो ने कहा, 'लगभग 17 मिनट बाद, प्रक्षेपण यान ने अमेजोनिया -1 को उसकी लक्षित कक्षा में पहुंचाया और बाद के 1 घंटे 38 मिनट में सभी 18 सह- उपग्रहों को भी सफलतापूर्वक पूर्व-निर्धारित अनुक्रम में पीएसएलवी से अलग कर दिया गया।' इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने इसे देश के लिए एक विशेष मिशन बताते हुए कहा कि एजेंसी ने उपग्रहों के निर्माण में विश्वविद्यालयों का मार्गदर्शन किया। रविवार का दिन इसरो की वाणिज्यिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटिड (एनसिल) के लिए भी खास दिन था। यह 2019 में अंतरिक्ष विभाग के तहत स्थापित सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है। 

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